कस्बे के बाघऊ गांव में शुक्रवार सुबह तालाब में वृद्ध का शव मिलने से ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। पुलिस के पहुंचने के कई घंटों के बाद शव की शिनाख्त हो सकी। पुलिस ने इसे महज एक हादसा मानकर शव गांव वालों को सुपुर्द कर दिया। ग्रामीणों ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
कस्बा बबराला के बाघऊ गांव के कुछ ग्रामीण शुक्रवार की सुबह को टहल रहे थे उन्हें निकट रेल लाइन केे समीप तालाब के किनारे पानी में एक शव उतराता दिखाई दिया। खबर फैलने के बाद मौके पर ग्रामीण एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दी। चौकी इंचार्ज राजेश यादव ने शव को पानी से बाहर निकलवाया।
जिसके जेब से भारतीय किसान यूनियन का एक बिल्ला व अन्य सामान निकले। पुलिस ने इसके बाद भाकियू के कुछ नेताओं से संपर्क किया। लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। एक युवक ने वृद्ध को निकट के गांव तिपेड़ा का बताकर वहां के ग्रामीणों को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सीमावर्ती गांव केवलपुर तिपेड़ा के कुछ ग्रामीणों पुष्टि की कि वृद्ध उनके गांव के अमरपाल (75) पुत्र पुन्नी का है जिनके कोई संतान नहीं है। पत्नी का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो गया था तब से वह गांव के एक मंदिर पर रहते थे। पिछले दिनों से बीमार थे और गुरुवार को बबराला दवा लेने आए थे।
पुलिस के मुताबिक मृतक की हालत कमजोर होने कारण उनका पैर तालाब में फिसला होगा। हालांकि ग्रामीणों ने पुलिस ने मांग की कि मृतक का गांव न तो कोई परिवार वाले है और न ही रिश्तेदार। लिहाजा शव का अंतिम संस्कार कर देना चाहिए। पुलिस ने ग्रामीणों की मांग मानते हुए शव उनके हवाले कर दिया।