संभल। जनपद के कई मार्गों पर डग्गामार वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। डग्गामार वाहनों के कारण जहां रोडवेज निगम को लाखों रुपये की चपत लग रही है। वहीं, परमिटधारी वाहन स्वामियों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। संबंधित विभागों द्वारा इन पर कार्रवाई न किए जाने से जहां लोगों की जान को जोखिम बना हुआ है तो वहीं, परमिट धारी वाहन स्वामियों में भी रोष है।
संभल से गजरौला, दिल्ली, मेरठ, अलीगढ़, बहजोई, चंदौसी, मुरादाबाद, अमरोहा, बिलारी आदि मार्गों पर टाटा मैजिक, मैक्स, थ्री व्हीलर आदि कई प्रकार के डग्गामार वाहनों की भरमार है। इनमें सवारियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है। यह सब पिकेट पर तैनात स्थानीय और यातायात पुलिस की आंखों के सामने होता है। वहीं, सड़कों पर भी परिवहन विभाग के अधिकारी भी फर्राटा भरते रहते हैं। इसके बाद भी ऐसे वाहन दौड़ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि सड़क पर वाहनों को नियम से चलाने के लिए जगह-जगह पिकेट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। परिवहन विभाग की ओर से भी गश्त की जाती है। लेकिन पुलिस अभियान के तहत सिर्फ हेलमेट, इंश्योरेंस और अन्य अनियमितता पर वाहनों का चालान करने तक सीमित है। सबसे बड़ा नुकसान राजस्व का दिल्ली के लिए संचालित होने वाली डग्गामार बसों से हो रहा है।