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Sambhal News: फसलें पानी में डूबीं...किसान चिंता में

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जुनावई। तटबंध के अंदर बसे दर्जनभर गांवों में बाढ़ का संकट बरकरार है। रघुपुर पुख्ता, उदिया नगला, बझांगी, तोतापुर, सालिंग की मढ़ैयां, नरुपुरा की मढ़ैया, मेंगरा और भावरू की मढ़ैया गांवों के खेत-खलिहान जलमग्न हैं। धान, बाजरा, मक्का और गन्ना की फसलें पानी में डूबी होने से किसान चिंता में डूब गए हैं।
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ग्रामीण अतर सिंह और मदनलाल ने बताया कि पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर घटा है लेकिन खेतों में अब भी दो से तीन फीट पानी भरा है। लंबे समय तक पानी भरा रहने से फसलें सड़ने लगी हैं। किसान नाव के सहारे खेतों तक पहुंचकर किसी तरह पशुओं के लिए चारा लेकर आ रहे हैं। बीडीओ कमल कांत ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए टंकियां रखवाई गई हैं। पशुओं के लिए हरा चारा और भूसे का वितरण कराया जा रहा है। पशु चिकित्सक डॉ. राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में विभाग की टीम गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण और बीमार पशुओं का इलाज कर रही है।
बाढ़ के बाद बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर है। सीएचसी प्रभारी डॉ. विरास यादव की निगरानी में डॉ. सुनीता और ऑप्टोमेट्रिस्ट राजीव किशोर की टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में शिविर लगाकर 65 से अधिक मरीजों का निशुल्क उपचार किया और दवाएं बांटीं। इनमें 35 मरीज खुजली-चर्म रोग से, 20 बुखार से पीड़ित मिले। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को उबला हुआ पानी पीने और साफ-सफाई रखने की सलाह दी है। हालांकि पानी धीरे-धीरे उतर रहा है, लेकिन जलभराव बना रहने से ग्रामीणों को फसल बर्बादी और संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है।
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वर्जन:
बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर दी गई है। गांव से पानी निकल रहा है, गांव में लगातार स्वास्थ्य विभाग के कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है, राजस्व विभाग की टीम लगातार बाढ़ क्षेत्र में नजर बनाए हुए हैं।
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अवधेश कुमार वर्मा, एसडीएम गुन्नौर
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