जिले में सूखे की मार झेल रहे किसानों को मौसम की दोहरी मार पड़ रही है। सूखे के बाद बारिश ने किसानों की फसल तबाह कर दी है। बारिश व हवा के धान, बाजरा व अन्य फसल खेतों में गिर गई है। आगामी दो से तीन दिनों तक मौसम के खराब रहने के आसार हैं। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय हो रही बारिश व हवा से धान, उड़द, बाजरा व सब्जी की फसलों को अधिक नुकसान होने की संभावना है।
संभल जिले में करीब 3.07 लाख किसान हैं। इस समय खेतों में मुख्य रूप से गन्ना, धान, बाजरा, उड़द, गोभी, ज्वार आदि की फसल खड़ी हुई है। जिला सूखाग्रस्त घोषित हो चुका है। सूखे के चलते खरीफ की सभी फसलों में 15 फीसदी तथा गन्ने में 25 फीसदी तक नुकसान है। सर्वे रिपोर्ट भी शासन को जा चुकी है। पिछले एक सप्ताह से लगातार मौसम खराब चल रहा है। रुक-रुककर बूंदाबांदी, तो कभी बारिश हो रही है। बारिश के साथ चल रही हवा ने किसानों का भारी नुकसान किया है। किसानों के खेतों में खड़ी धान, बाजरा, ज्वार व गन्ने की फसल गिर गई है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद ने बताया कि धान की फसल में बाली आ गई है और ढल गई हैं। बारिश के साथ हवा के कारण जो धान की फसल जमीन पर गिर गई है, उसका दाना अंकुरित हो जाएगा। साथ ही जमीन में नमी होने के कारण काला पड़ सकता है। इसका असर उत्पादन पर भी पड़ेगा। वहीं बाजरे की फसल में भी फल बनने की प्रक्रिया चल रही है। बारिश के साथ हवा से फूल झड़ जाएगा, इसका असर भी उत्पादन पर पड़ेगा।
उड़द व सब्जी की फसलों में पानी जमा होने से नुकसान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद ने बताया कि बारिश से सबसे अधिक नुकसान उड़द की फसल में भी होगा। जिले में अलंकार प्रजाति का उड़द अधिक है, यह बेल के रूप में फैलता है। इस समय इस पर फूल आने की प्रक्रिया चल रही है। खेतों में बारिश का पानी जमा होने से फूल नष्ट हो जाएगा, जिससे फली नहीं बनेगी और उत्पादन गिर जाएगा। इस जिले में कुछ क्षेत्रों में गोभी, गाजर, मटर नर्सरी तैयार हो रही है। बारिश से जलभराव होने के नर्सरी खराब हो जाएगी।
बीमित किसान फसल नुकसान की दें सूचना
जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह ने बताया कि इस समय बारिश के साथ हवा चलने से फसलों को नुकसान है। जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा करा रखा है, वह ट्रोल फ्री नंबर 18001035490 या जिला समंवयक के मोबाइल 7906294727 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा बीमित किसान फसल के नुकसान की जानकारी नजदीकी बीज गोदाम, जिला कृषि कार्यालय पर शिकायती पत्र दे सकते हैं। जिले में करीब 8000 हजार किसानों की फसलों का बीमा है।