किरारी में बिजली न मिलने से सूख रही फसल।
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बादल तो घुमड़ रहे हैं पर बारिश नहीं हो रही है। मानसून में देरी के आसार हैं। फसलों की सिंचाई पर संकट है। बिजली बहुत कम मिल रही है। गांवों में 24 में 14 घंटे की आपूर्ति का औसत नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के कई फीडर ओवरलोडिंग का शिकार हो गए हैं। बिजली न मिलने से खेत में खड़ी मक्का सूख रही है। गन्ने की बढ़त रुक गई। हरे चारे और धान की पौध के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है।
मौसम में गर्मी और तेज धूप है। अगर फसलों को जल्दी ही पानी नहीं मिला तो किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इन दिनों धान की पौध के लिए पानी चाहिए। गन्ने की फसल और जानवरों के चारे के लिए सिंचाईं की जरूरत है। अमरूद के बागों को भी सिंचाईं की जरूरत है। किसानों का कहना है कि अगर बिजली भरपूर मिल जाए तो सिंचाईं के संकट से निबटा जा सकता है। वैसे फसलों को बचाने के लिए हम इंजन और पंपसेट लगाकर सिंचाईं कर रहे हैं लेकिन डीजल की महंगाई ने हालत खराब कर दी है।
बहजोई क्षेत्र के किरारी क्षेत्र के 24 गांवों में किसान बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। किसानों ने बताया कि पवांसा सब स्टेशन ओवर लोड चल रहा है। किरारी में नया सब स्टेशन बनने में लगातार देरी की जा रही है जिससे 24 गांवों में मक्का की फसल सूख रही है। पानी न मिलने से जानवरों के लिए हरे चारे पर संकट है। गुन्नौर क्षेत्र के 200 गांवों में 7-8 घंटे बिजली मिल पा रही है।