गुन्नौर तहसील के सिरसा गांव निवासी धनुकिया पत्नी सिपाही लाल को शासन की योजना के तहत श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा 20 हजार रुपये का चेक दिया था। इसे धनुकिया ने पंजाब नेशनल बैंक की गवां शाखा में तीन नवंबर-2014 को भुगतान के लिए जमा किया था लेकिन कई दिनों के बाद भी चेक की धनराशि खाताधारक के खाते में नहीं पहुंची तो शाखा प्रबंधक से संपर्क किया गया। लेकिन महीनों बाद भी कोई सही जवाब नहीं मिला।
बाद में बताया कि चेक क्लीयरेंस को भेजा था लेकिन रास्ते में कहीं खो गया। इसलिए अब वह धनराशि खाते में आना संभव नहीं है। उपभोक्ता ने अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में वाद योजित किया। बीस हजार रुपये मयब्याज के मांग की। जिला उपभोक्ता फोरम ने पीएनबी शाखा प्रबंधक गवां को 10 अगस्त-2015 को आदेश दिया था कि बैंक खाताधारक को 20 हजार रुपये, वाद व्यय 700 रुपये दो माह के अंदर अदा करें। अन्यथा बैंक नौ फीसदी ब्याज भी अदा करे।
लेकिन बैंक ने आदेश का पालन नहीं किया। अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि जब इस मामले की जानकारी उपभोक्ता फोरम को दी गई तो इसे गंभीरता से लेते हुए शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी का आदेश देते हुए गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है।