धर्म के नाम पर देश का बंटवारा करने वालों को सबक देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री आजम खां ने भाजपा और आरएसएस को निशाने पर लिया। उन्होंने रविवार को रात्रि 10.00 बजे श्री कल्कि महोत्सव में दीप प्रज्वलन किया। पेरिस पर हुए आतंकी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद पर एक लंबी बहस होनी चाहिए।
क्यों अरब देशों पर हमले किए जा रहे हैं? जब इसके जवाब तलाशेंगे तो पता लग जाएगा कि हमले करने वालों का मकसद क्या है। उन्होंने कहा कि तेल के कुओं पर कब्जेदारी करने के लिए अरब देशों पर हमले किए गए। इसके पीछे अमेरिका है क्योंकि न्यूयार्क में अरब देशों में निकलने वाले तेल की आमदनी से रोशनी होती है।
पत्रकारों ने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का हवाला दिया कि प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खात्मे के लिए सूफी मत की वकालत की है तो उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करूंगा कि जब प्रधानमंत्री देश की धरती पर उतरेंगे तो वह साधु या संत के रूप लेकर उतरेंगे।
प्रधानमंत्री का पद इसलिए भी छोड़ेंगे कि उन्हीं की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि 60 वर्ष से ऊपर के नेताओं को राजनीति से सन्यास लेना चाहिए और प्रधानमंत्री की उम्र 65 वर्ष हो गई है। गोवध के सवाल पर भी आजम खां ने कहा कि मैं तो यहां तक कहता हूं कि मुर्गी तक को न काटा जाए। जो जानवर मर जाए उसका सम्मानपूर्वक दफन होना चाहिए। प्रेसवार्ता में आचार्य प्रमोद कृष्णम और स्वामी चक्रपाणि मौजूद रहे।