इससे पहले भी छह ब्लैक बक मारे जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने इनकी निगरानी का जिम्मा वनकर्मियों को दिया है।
गुन्नौर के गंगा कटरी, बहजोई, रुदायन, पवांसा, कैलमुंडी, सौंधन, रुदायन के भूड़ इलाकों में 100 से अधिक हिरन होने का अनुमान है। इनमें ब्लैक बक की संख्या 30-35 होने का अनुमान वन विभाग ने किया है। रुदायन के जंगल में खूंखार कुत्तों के हमले में ब्लैक बक की मौत के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी ने डीएफओ से बातकर ब्लैकबक की सुरक्षा के लिए आदेश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि ब्लैक बक की निगरानी का जिम्मा वनकर्मियों को सौंपा गया है। डीएफओ एमपी सिंह ने बताया कि उन्होंने लखनऊ स्थित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की है। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक आनंद कुमार श्रीवास्तव और मुख्य वन संरक्षक आरपी वर्मा ने ब्लैक बक की सुरक्षा के संबंध में आंकलन करके प्रोजक्ट बनाने पर जोर दिया है। स्थानीय स्तर पर वनकर्मियों को ब्लैक बक के क्षेत्र में निगरानी का आदेश दिया गया है। कर्मचारियों से कहा गया है कि जब तक कोई स्पेशल प्रोजेक्ट ब्लैक बक की सुरक्षा के लिए मंजूर नहीं हो रहा है तब तक अपने उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ही सुरक्षा करें। इसमें ग्रामीणों का सहयोग लें।