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धर्म के नाम पर चढ़ावा लेने वाले रसातल में हैं

Mon, 02 Nov 2015 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला चंदौसी
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मानव सेवा समिति चंदौसी द्वारा आयोजित दस दिवसीय मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन करते हुए साकार विश्व हरि ने कहाकि किसी भी धर्मग्रंथ में धर्म के नाम पर चढ़ावा लेने का उल्लेख नहीं है। जो उपदेशक चढ़ावा ले रहे हैं, वह खुद को रसातल में ले जा रहे हैं।
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साकार विश्व हरि ने कहाकि देखो, समझो और फिर चलो। परमात्मा ने किसी भी युग में मानव कल्याण के लिए धन संग्रह कभी नहीं किया। पैर नहीं पुजवाए, धूप माला अगरबत्ती नहीं लगवाई। यहां आने वाली आत्माओं को सीधे ब्रह्म से जोड़ा जा रहा है। आज के दौर में सच्चा मित्र ढूंढे से भी नहीं मिलता।


जो मित्र होने का दावा करते हैं, उनकी नजर, धन-दौलत व जवान बेटी पर होती है। व्यक्ति तो सिर्फ निमित्त मात्र है। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता उपदेश देते हुए कहा था कि अर्जुन तू युद्ध कर तू तो निमित्त मात्र है। युद्ध करने व कराने वाला तो कोई और है।
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साकार विश्व हरि किसी व्यक्ति का नाम नहीं बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड के मालिक का नाम है। जिसने साकार विश्व हरि के वचन माने तो वह सत्य को धारण कर सकेगा। व्यवस्था में सहयोग करने वालों में रमेशचंद्र, हुकुम सिंह, यादराम, जीतपाल, पीतांबर, ऊदल, शिव कुमार, रघुराज सिंह, राहुल, तिलक राज, जसवंत, अशोक कुमार, दिलीप, विपिन, सुरेश गौतम, हरीश, मुरारी लाल, पप्पू सिंह, श्याम सिंह, डा.रमेशचंद्र आर्य, सोमपाल सिंह, राजेंद्र सिंह आदि रहे।
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