निर्वाचन ड्यूटी से गैरहाजिर होना कर्मचारियों को महंगा पड़ गया। संभल कोतवाली में 31 कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे के वादी जिले मुख्य विकास अधिकारी शंकर लाल त्रिपाठी हैं। वह जिले के मतदान कार्मिक प्रभारी भी हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि संभल विकास खंड में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी थी।
उन्हें 8 दिसंबर को उपस्थित होना था ताकि उन्हें पोलिंग कराने के लिए भेजा जा सके। इसमें 31 कर्मचारी ऐसे रहे जो उपस्थित नहीं हुए उनके स्थान पर रिजर्व से कर्मचारियों को भेजा गया। जिलाधिकारी एनकेएस चौहान के आदेश पर शुक्रवार को देर रात्रि इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इस एफआईआर में तीन पीठासीन अधिकारियों, सहायक अध्यापक मोहम्मद तारिक, प्रधानाध्यापक अतर सिंह और रामरहीस के नाम है। मतदान अधिकारी प्रथम में विशाल अग्रवाल, होमेंद्र, सोनू कुमार, प्रदीप कुमार, शमीम पाशा, अजय पाल, राजकुमार, प्रमुद कुमार, उपेंद्र कुमार, महेंद्र नाथ शर्मा, ज्ञानेंद्र, श्रीपाल सिंह के नाम भी एफआईआर की गई है।
मतदान अधिकारी द्वितीय में रीना देवी, सुरवाला. अस्मिता, अनीता, कमलेश, कविता रानी, उपासना शर्मा, निशा यादव के खिलाफ एफआईआर हुई है। मतदान अधिकारी तृतीय में राकेश कुमार, संजीव कुमार, विजय पाल सिंह, राजेंद्र सिंह, रामवीर सिंह, सिराज अहमद, भीमसेन व धर्मवीर नामजद किए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 26 की उपधारा एक एवं राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत एवं नगरीय निकायों के आदेेशों के उल्लंघन का मामला इन सभी के खिलाफ बनता है जिस पर एफआईआर की गई है।