सिरसी में सोमवार को हुसैन की याद में अजादारों ने जंजीरी मातम किया। दहकते अंगारों पर चले। कई अजादार छुरियों और जंजीरों के मातम में लहूलुहान हो गए। जुलूस निकाला गया। जुलूस में या हुसैन की सदाएं बुलंद हुईं। इमामबारगाह मोहल्ला सादात से जुलूस निकाला गया।
मोहम्मद रजा जाफरी, खुर्शीद हैदर, महताब हुसैन ने सवारी पढ़ी और नवासोए रसूल इमाम हुसैन का पुरसा दिया। अंजुमनों ने नोहाख्वानी की। इमामबारगाह पर अजादारों ने जंजीरी मातम कर अपने आप को लहूलुहान कर लिया। मस्जिद मोहल्ला सादात पर दहकते हुए अंगारों पर मातम किया।
इसके बाद जुलूस कर्बला सादात पहुंचा। यहां सादात डिग्री कालेज के संस्थापक डा. मोहम्मद हुसैन जाफरी ने हदीस पढ़ी। हजारों की संख्या में आए लोगों ने नवासोए रसूल को पुरसा दिया। बाहर से आए लोगों के लिए जगह-जगह सबीलें लगाईं गईं थीं। मुंजब्ता हसन, नकी हसन, अंसार हुसैन, वसीम हैदर, माहिर रजा रिजवी, शुऐब जैदी, फिरोज, नबाव आलम, बाकर, सादिक अब्बास, हसन मेहंदी, मोहम्मद आसिफ आदि रहे।