आरोपों के चलते गांव में रोजगार सेवक को पद से हटाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस पर हंगामा हो गया। मारपीट और पथराव में पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों को जिला अस्पताल भेजा है।
बैटला गांव में एक ग्रामीण की बेटी को भगा ले जाने के आरोप में गांव के ही रोजगार सेवक प्रताप के भाई अजय पाल को नामजद किया गया था।
घटना की रिपोर्ट आठ अगस्त 2016 को दर्ज हुई। लेकिन जब ग्रामीण की बेटी बरामद हुई तो उसने बयान दिया कि उसे अजयपाल भगाकर नहीं ले गया था। वह अपनी मर्जी से गई थी और उसने सोनू के साथ शादी की है। पुलिस ने उसके बयान के आधार अजयपाल को आरोप मुक्त कर दिया। इसके बाद गांव में दोनों परिवारों में विवाद की स्थिति बनी रही। ग्रामीण और गांव के कई लोग अजयपाल और उसके भाई प्रताप को इस घटना के लिए जिम्मेदार मानते थे। ग्रामीण का आरोप था कि उनकी बेटी को बेचा गया है लेकिन जांच में इस आरोप की पुष्टि नहीं हुई।
इसी क्रम में पीडि़त ग्रामीण और गांव के लोगों ने रोजगार सेवक को पद से हटाने के लिए ग्राम पंचायत की बैठक बुलाई। इसमें उसे हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव की जानकारी जैसे ही रोजगार सेवक को मिली वह आक्रोशित हो गया। आरोप है कि उसने गिरधारी के घर पर हमला किया। इसमें झगड़ा बढ़ गया। गांव के तमाम लोग पीड़ित ग्रामीण के पक्ष में आ गए। रोजगार सेवक को घेर लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव हुआ। इसमें गिरधारी, उसकी बेटी रेखा तथा बेटा सतपाल और रोजगार सेवक प्रताप तथा उसके भाई दिनेश को चोटें आईं हैं। नखासा थाने के कार्यवाहक प्रभारी रामपाल सिंह ने बताया कि दोनों ओर से तहरीर आई है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कार्रवाई कर रही है।
दोनों पक्षों ने दी तहरीर
संभल। रोजगार सेवक की ओर से उसके भाई नेकपाल पुत्र प्रेमपाल ने तहरीर दी है जिसमें गिरधारी, सतपाल, विनोद और सोमपाल को नामजद किया गया है। वहीं गिरधारी पुत्र पूरन सिंह की ओर से प्रताप, दिनेश, नेकपाल, जयचंद को नामजद किया गया है। देर रात्रि तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।