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रजपुरा कांड : काश मैं रात में ही नोएडा से चल दिया होता

Tue, 17 Jul 2018 01:15 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, संभ्ाल
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महिला की हत्या के बाद गांव में तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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 सामूहिक दुष्कर्म के बाद पत्नी की हत्या किए जाने के बाद पति का हाल बेहाल है। दोनों बच्चे गहरे सदमे में हैं। उन्हें बार-बार मां की याद आती है। वे रोते हैं और बिलखते हैं तो मामा-मामी और नानी उन्हें संभालते हैं। सांत्वना देते है। दिलासा दिलाते हैं। 
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 बच्चे इस बात से वाकिफ हो गए हैं कि अब उनकी मां दुनिया में नहीं, उसे जिंदा जलाया जा चुका है। पति अभी उसी गांव में हैं, जहां पर पत्नी को जिंदा जलाया गया था। जबकि दोनों बच्चे पड़ोसी गांव में ननिहाल में हैं। उनकी परवरिश फिलहाल नानी के हाथ में है। मामा-मामी भी उनकी देखरेख कर रहे हैं। इस बीच पति को रिश्तेदार सांत्वना दे रहे हैं। वहीं, जब भी पत्नी का जिक्र छिड़ता है तो पति की आंखों में आंसू आ जाते हैं। 


पति का कहना है कि शुक्रवार की रात आठ बजे उसके पास कॉल आई थी, जिसमें पत्नी ने दबंगों से खतरा बताया था। उसने कहा था कि वह सुबह आएगा, लेकिन शनिवार की सुबह पांच बजे उसे पत्नी को जिंदा जलाए जाने की घटना के बारे में जानकारी मिली। उसके बाद से हर पाल यही सोच रहा हूं कि काश में रात में ही चल दिया होता। बताते चलें कि पति नोएडा और गाजियाबाद में मजदूरी करता था। घटना  वाली रात में वह नोएडा में था।
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पत्नी के कातिलों को दिलाऊंगा सजा ः गांव के ही कुछ लोग मृतका के पति पर फैसले का दबाव बना रहे हैं। फैसले का दबाव बनाने वाला शख्स इतना करीबी है कि पति ने उसके दबाव के संबंध में पुलिस को नहीं बताया है। लेकिन जब पति से बातचीत की गई तो उसने कहा कि फैसले की बात उससे कही जा रही है।


  पति ने कहा कि मैं मरते दम तक फैसला नहीं करूंगा। पत्नी के कातिलों को सजा दिलाकर रहूंगा। बताते चलें कि इससे पहले भी दबंगों ने पति को उस वक्त धमकाया था जब उसने छह महीने पत्नी को थप्पड़ मारे जाने का विरोध किया था। 
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