रजपुरा थाना क्षेत्र में एक बालिका को अगवा करके उसे अधेड़ को 15000 रुपये में बेचने और खरीदार के उससे गैरकानूनी तरीके से शादी करके तीन साल तक यौन शोषण का मामला सामने आया है। डरी-सहमी अवस्था में मासूम को पुलिस ने शुक्रवार को कैद मुक्त कराया।
उसे खरीदने वाले 42 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अब उसका सौदा करने से लेकर शारीरिक शोषण कराने तक के घटनाक्रम में शामिल तीन अन्य आरोपियों को पुलिस तलाश चल रही है। पुलिस थाने में मासूम ने अपने दर्द की जो दास्तान बताई है, वह दिल दहलाने वाली है।
वहीं आरोपी ने भी चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मासूम बालिका का 9 वर्ष की उम्र में उस वक्त अपहरण हुआ था जब वह अपने ही गांव के स्कूल में खेल रही थी। पड़ोसी गांव के मजदूर पेशा व्यक्ति सत्यपाल पुत्र भूरा की उस पर नजर पड़ गई। उसे बहला फुसलाकर ले गया।
तीन वर्ष तक दिल्ली में रखा। माता पिता ने काफी तलाशा लेकिन मासूम का पता नहीं लगा। मां-बाप को गांव वालों के ताने भी सुनने को मिले कि उन्होंने ही अपनी बेटी को गायब कर दिया। मासूम का पिता इस सदमे को सहन न कर सका। उसकी सदमे में मौत हो गई।
मां ने हार नहीं मानी और वह तलाश करती रही। लेकिन कहीं कोई गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई। करीब तीन वर्ष बाद सत्यपाल पुत्र भूरा मासूम को लेकर अपने गांव आ गया। तब तक उसकी उम्र 12 वर्ष हो गई थी। उसने अपने ही गांव के निवासी वीरपाल पुत्र कल्यान से मासूम को बिकवाने के लिए कहा।
वीरपाल ने खेड़ामौनी गांव के निवासी अपने साले भूरे पुत्र वीरसेन से संपर्क साधा। सौदा 15,000 रुपये में हुआ और मासूम को भूरे के हवाले कर दिया गया। भूरे ने जबरन विवाह किया और उसे अपने दोस्त के माध्यम से घर में कैद कर लिया। जब भूरे कहीं जाता था तो उसका दोस्त नेक्से निगरानी करता था।