पंवासा विकासखंड का किसौली गांव विकास से कोसों दूर हैं। गांव की अधिकांश सड़कें कीचड़ युक्त टूटी फूटी हैं। गांव में एक पशु चिकित्सालय है लेकिन यह कभी खुलता नहीं। एक होम्योपैथिक चिकित्सालय है वह सप्ताह में केवल शुक्रवार को ही खुलता है। गांव में कई हैंडपंप खराब हैं। गांव में दो प्राइमरी स्कूल एवं एक जूनियर स्कूल है।
प्राथमिक विद्यालय प्रथम में एक भी अध्यापक नहीं है। जूनियर स्कूल का हैंडपंप खराब है। किसौली गांव की 8000 के करीब आबादी है। गांव में करीब 4150 वोटर मतदाता हैं। यादव बहुल गांव में विकास नहीं हो पाया जबकि इस गांव के दो व्यक्ति सुल्तान सिंह और ओमप्रकाश यादव विधायक भी रह चुके हैं।
एक बार ब्लाक प्रमुख की कुर्सी भी इसी गांव को नसीब हुई है लेकिन विकास से अछूता यह गांव मूलभूत सुविधाओं से अछूता है। गांव में जो प्रमुख मार्ग हैं उसमें करीब 600 मीटर सड़कें मंडी समिति के द्वारा व 150 मीटर सड़क निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति यादव के कोटे से डलवाई गई हैं।
खराब रास्तों में बरसात के समय चार-चार फीट तक पानी भर जाता है। जिससे ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव में बिजली है लेकिन आधे गांव में तार नहीं पड़े हैं। जिससे आधे गांव के लोग अंधेरे में रहते हैं। किसौली गांव के लिए एक उप स्वास्थ्य केंद्र मंजूर हुआ था लेकिन जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते नहीं बन पाया।