बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में दो महिलाओं समेत पांच लोगों की बुखार से मौत हो गई। तकरीबन हर घर में कोई न कोई बुखार पीड़ित है। कई लोग निजी अस्पताल में भर्ती हैं। कुछ डेंगू आशंकित हैं। हल्लूसराय स्थित महाराणा प्रताप पार्क के सामने वाली गली में प्रमोद बुखार से पीड़ित हैं।
निजी नर्सिंग होम में उनका इलाज चल रहा है। इसी गली के निवासी प्रेमनारायन सिंह 10 दिन से बीमार हैं। चंचल दो दिन से बुखार पीड़ित है। वहीं फत्तेपुर सराय में उमेश की पत्नी मोनिका (25) को दो दिन पहले बुखार आया था। उसकी मंगलवार की रात नौ बजे इलाज के दौरान मौत हो गई।
उसके प्लेटलेट्स दस हजार से कम रहे गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि पंद्रह दिन पहले ही मोनिका ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। उधर, सैफ खां सराय निवासी डेंगू आशंकित यास्मीन (35) की मौत बुधवार को शाम मौत हो गई। वह कई दिन से बुखार से पीड़ित थीं और उनका इलाज चल रहा था। गांव में कई और लोग बुखार पीड़ित हैं।
यदि चिकित्सकों की टीम गांव में बीमारों के इलाज के लिए आए तो राहत मिल सकती है। बहजोई के गांव राजपुर निवासी करीब फूल सिंह (70) पुत्र सुक्खी सिंह को तीन दिन पहले हल्का बुखार आया। गांव में एक उसने अपना उपचार करा लिया। बुखार बढ़ा तो बहजोई के निजी अस्पताल में दिखाया।
यहां हालत और बिगड़ने लगी तो परिजन उसे मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ले गए। यहां बुधवार को तड़के फूल सिंह की मौत हो गई। वहीं चंदौसी के नरौली कस्बे के मुहल्ला बंजारी कुआं निवासी सूखा के पुत्र अयूब खान (45) को दस दिन पहले तेज बुखार आया था।
पहले तो कस्बे में ही उपचार कराया, फिर चंदौसी में भर्ती कराया। हालत नहीं सुधरी तो मुरादाबाद ले जाया गया। लेकिन डाक्टर ने दवाई देकर घर भेज दिया। बुधवार को तड़के उसकी मौत हो गई। इसके अलावा तेली वाला मुहल्ला निवासी साबिर हुसैन (60) को भी एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
कई स्थानों पर उपचार कराया गया लेकिन हालत में सुधार कराया गया। लेकिन बुधवार की शाम को उसकी मौत हो गई। यहां कई लोग बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। इससे पहले भी इसी माह कस्बे में दो लोगों की तेज बुखार से मौत हो चुकी है।