जब आत्मा स्वयं में सफाई व सच्चाई के साथ परमपिता परमात्मा शिव से लौ लगाती है। सही मायनों में सच्ची दीपावली होती है। यह विचार राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी मनीषा ने व्यक्त किए।
हाथीखाना में आयोजित दीपावली कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शिव की अखंड ज्योति से आत्मिक ज्योति जलाने के प्रतीक को भैातिक रूप में एक दीप से अनेक दीप जलाते है। इससे पहले कोने कोने में सफाई, रंगाई व पुताई, सजावट आदि करते है।
जहां सच्चाई, सफाई व पवित्रता होती है। वहीं लक्ष्मी जी का निवास होता है। बिलारी परिक्षेत्र की निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी अलका दीदी ने बताया कि परमात्मा शिव का धरती पर अवतरण हो चुका है। कार्यक्रम के दौरान अनु शर्मा व आशु शर्मा आदि ने राधा कृष्ण रास से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में वीके योगिता, वीके निर्दोष, नीरेश, अंशु, सारिका, कविता तथा नवीन, जयकिशन, देवेंद्र गांधी, महावीर, अजय, रामपाल, सुनीत आदि ने भाग लिया। संचालन सुमित्रा महाजन ने किया।