असमोली थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर जसकोली में शुक्रवार को देर रात्रि गोली लगने से पिता और पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान मुरादाबाद में बेटे की मौत हो गई। पिता की हालत गंभीर है। उन्हें मुरादाबाद से मेरठ रेफर किया गया है। पुलिस ने गांव के ही चार लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मुकदमे में पीएसी के एक कर्मचारी को नामजद किया गया है। उनकी ड्यूटी लखनऊ स्थित राजभवन में है। सैदपुर जसकोली गांव में रात्रि 11.00 बजे के करीब सुरेंद्र सिंह और उनके बेटे अपने ही घर के करीब खून में लथपथ पाए। दोनों को गोली लगी थी। दोनों को आनन-फानन उपचार के लिए मुरादाबाद ले जाया गया।
जहां मोहित (21) की मौत हो गई। घटना के संबंध में सुरेंद्र के बेटे रोहित सिंह ने अपने ही गांव के ही महेंद्र सिंह व उनके पुत्र पुष्पेंद्र तथा दीपक पुत्र रमेश व एक व्यक्ति अज्ञात के खिलाफ असमोली थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। रोहित सिंह ने दर्ज रिपोर्ट में कहा है कि मोहित शुक्रवार को रात गांव में ही दावत में शामिल होने के लिए गया था।
वह रात्रि में 11.00 बजे के करीब घर लौटने के बाद पिता के पास बैठा हुआ था। दोबारा दावत में जाने की जिद कर रहा था। पिता ने मना किया। मोहित नहीं माना। पीछे-पीछे पिता सुरेंद्र सिंह भी बाहर की तरफ चले गए। घर के मोड़ तक पहुंचे होंगे कि फायर की आवाज आई। जाकर देखा तो दोनों जमीन पर पड़े थे।
एक गोली मोहित के पेट में लगी तथा दूसरी गोली सुरेंद्र सिंह के सीने में लगी थी। फायरिंग की आवाज सुनकर बहन मनीषा और मोहित के परिवार वाले घटनास्थल की तरफ भागे। दोनों को उपचार के लिए मुरादाबाद के अस्पताल में ले जाया गया। मोहित की मौत हो गई। सुरेंद्र सिंह की हालत गंभीर देख मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया है।
थाना प्रभारी योगेंद्र कृष्ण ने बताया कि पुलिस रात्रि में ही घटना स्थल पर पहुंच गई। बहन मनीषा, भाई रोहित और पिता सुरेंद्र ने जो जानकारी दी है, उसमें विरोधाभास उभरा है। प्रारंभिक तफ्तीश में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिससे नामजदगी पर सवाल उठ रहे हैं। घटनाक्रम भी एफआईआर से इतर सामने आया है।
परिजनों बयान रिकार्ड किए गए हैं। इसी आधार पर सच सामने आएगा। एसडीएम जेबी सिंह व सीओ अफसर अब्बास जैदी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है।