उप जिलाधिकारी अखिलेश यादव ने मंगलवार को दोपहर में पंचायत की है। लाडस्पीकर की संख्या को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी थी कि अब कोई किसी के साथ टोकाटाकी नहीं करेगा। रामलीला में जितनी मर्जी हो उतने लाउडस्पीकर लगाए जा सकते हैं लेकिन दूसरे पक्ष को जलसे में माइकों की संख्या को लेकर नहीं रोका जाएगा।
इस सहमति के बाद जब समझौता पत्र लिखा गया तो एक पक्ष ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके चलते लिखित समझौता अटक गया। हालांकि मौखिक तौर पर दोनों पक्षों ने लाउडस्पीकर की संख्या के मामले में एक दूसरे को आजादी दी है।
इस बीज भाजपा के जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल ने कहा कि गांव में रामलीला होगी और इसमें माइक भी लगेंगे। इस बारे में प्रशासन ने फैसला लिया है। इससे पहले भी गांव में कई बार विवाद हो चुका है।
इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि गांव में अब शांति कायम है। विवाद के हालात नहीं हैं। गांव में रामलीला अपने समय से होगी। उसमें माइक लगाने पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी। इस बारे में दूसरे पक्ष से बातचीत हो गई है लेकिन लिखित समझौता नहीं हुआ है।