उस नवजात को क्या मालूम था कि वह जिसके पेट में पल रहा है, वही उसकी जान ले लेगी। दुनिया देखने से पहले ही सांसें खत्म कर देगी। माता कुमाता बन जाएगी। जिले की इस घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। जिला अस्पताल में गुरुवार को प्रसव के दौरान एक महिला ने अपनी पहली संतान को पैदा होने से पहले ही मार दिया। इससे पहले उसने जमकर हंगामा भी किया। अस्पताल कर्मचारियों ने जब उसे समझाया तो वह उन्हें धमकाने लगी और अभद्रता भी की।
अस्पताल में चर्चा के अनुसार वह मर्जी के खिलाफ शादी होने से खिन्न थी। वह बच्चा नहीं पैदा करना चाहती थी। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला गुरुवार को सुबह 10 बजे अपनी सास के साथ बच्चे की डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल पहुंची, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद उसने डिलीवरी कक्ष में जाने से मना कर दिया। किसी तरह से परिजन उसे समझाकर ले गए तो वह हंगामा करते हुए बाहर आ गई।
उसे दो घंटे तक समझाया गया, लेकिन नहीं मानी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला का कहना था कि वह अपने बच्चे को पैदा नहीं करना चाहती है। उसकी शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी। परिजनों के साथ चिकित्सा कर्मचारी भी परेशान हो गए। दोपहर बारह बजे के करीब एक युवक अस्पताल पहुंचा। उसने महिला को डांटा फटकारा और समझाया भी किसी तरह से उसे डिलीवरी कक्ष तक पहुंचाया।
डिलीवरी कक्ष में मौजूद सिस्टर ने बताया कि जब उन्होंने उसे टेबल पर लिटाया तो वह उठकर खड़ी हो गई। किसी तरह उसे फिर लिटाया गया। प्रसव के दौरान गर्भ से बच्चे का सिर बाहर निकल चुका था। तभी उसने टांगें दबा लीं और बच्चे का दम घुट गया। इससे उसकी मौत हो गई। परिजन महिला और मृत बच्चे को लेकर घर चले गए हैं।
महिला का कहना था कि उसकी शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी। वह अपने बच्चे को पैदा नहीं करना चाहती है। घटना में किसी भी पक्ष ने पुलिस को कोई सूचना नहीं दी है। पुलिस अधिकारी घटनाक्रम से अंजान हैं।