गुन्नौर में अपहरण प्रकरण शनिावर को उस समय नया मोड़ आ गया, जब अपहृत किया गया सतीश यादव अपने पिता के साथ पूर्व मंत्री अजित कुमार राजू के आवास पर पहुंचा। यहां उसने आरोप लगाया कि गुन्नौर कोतवाली पुलिस ने उसकी वास्तविक तहरीर बदलवा दी है। उसने लिखा था कि उसे विधायक की कोठी से छुड़ाया गया था लेकिन पुलिस ने लिखवाया कि वह बदमाशों के चुंगल से छूटकर घर पहुंचा था। हालाकि पुलिस आरोपों से इंकार कर रही है।
बदायूं के थाना जरीफनगर के गांव लौहरपुरा निवासी पीड़ित अपहृत सतीश यादव शनिवार को बबराला स्थित पूर्व मंत्री अजित कुमार राजू के आवास पर पहुंचा। यहां पत्रकारों के सामने उसने कहाकि 22 सितंबर को पुलिस ने स्वयं उसे बदमाशों के चुंगल से विधायक की कोठी से छुड़वाया था।
यही बात उसने तहरीर में भी लिखी थी लेकिन बाद में पुलिस ने तहरीर बदलवा ली। जिसमें विधायक की कोठी का जिक्र निकाल कर लिखवा दिया गया कि वह खुद ही बदमाशों से छूटकर अपने घर पहुंचा था। कल भी उसे विधायक की कोठी पर जाने को विवश किया गया। उसने कहाकि अब उसे आरोपियों से जान का खतरा है।
इधर कोतवाली प्रभारी राजवीर सिंह यादव ने सतीश यादव के आरोपों को निराधार बताते हुए कहाकि जो तहरीर दी गई है, उसी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भिजवाया गया है।