फिरोजपुर गांव में टीकाकरण के लिए बनी इमारत खंडहर हो गई है। इमारत में भूसा भरा है और पुआल सुखाया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर एएनएम सेंटर का निर्माण कराया। मगर अव्यवस्थाओं की वजह से सेंटर अपने बदहाली पर खुद आंसू बहा रहा है।
गांव में समाजवादी पेंशन, मनरेगा, इंदिरा आवास योजना के लाभ से कुछ विशेष लोगों को फायदा हुआ हुआ है। गांव की शकीना के पति की मौत हो चुकी है। पास रहने के लिए घर नहीं है। जबकि विधवाओं को प्राथमिकता पर सरकारी आवास योजनाओं का लाभ दिया जाना है।
पति के बीमारी में सबकुछ खो चुकी अफरोज को इंदिरा आवास न मिलने के कारण किराये के कमरे में रहने पर मजबूर है। अफरोज अब अपनी बेटी और बेटे के साथ किराये पर रहती हैं मजदूरी करके गुजारा करती हैं। पिछले चुनाव में वादे तो खूब किए गए, लेकिन हकीकत यही है कि विकास से कोसों दूर है गांव फिरोजपुर।