क्षेत्र के रहोली गांव में एक मकान का जीना अचानक ढह गया। उसके मलबे में बच्चे दब गए। शोर शराबा सुनकर परिजन और आसपास के दौड़े। किसी तरह मलबा हटाया गया। तब तक एक मासूम की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि चार बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए। शेष घायलों को शहर के निजी चिकित्सक के भर्ती कराया गया।
ग्राम रहोली निवासी जाहिद पुत्र फैयाज खां के घर में दीवार के सहारे जीना बना हुआ है। रविवार की सुबह सात बजे जीने के नीचे बने चूल्हे पर घर की मासूम बच्चियां हाथ सेंक रही थी। इसी दौरान जाहिद किसी कार्य से ऊपर जाने लगा। जब वह जीने के बीच में पहुंचा तो अचानक जीना भरभराकर गिर पडा़। जीने के मलबे के साथ ही जाहिद भी नीचे आ गिरा।
जीने के नीचे चूल्हे पर हाथ सेंक रही मुस्तकीम की छह वर्षीय तहजीब, मुस्तकीम (द्वितीय) की पांच वर्षीय माहेनूर, चार वर्षीय नूर निशा तथा मोमीन खां की पांच वर्षीय लाइका नूर मलबे में दब गईं। जिससे घर में चीख पुकार मच गई। आवाज सुनकर परिजन और पड़ोसी मदद को दौड़े।
जब तक सभी को मलबे से बाहर निकाला गया, जब तक लाइका नूर दम तोड़ चुकी थी। घायल तीनों मासूमों व जाहिद खां को यहां शहर के निजी चिकित्सक के भर्ती कराया गया। लाइका नूर की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की जाहिद के घर भीड़ लग गई। तहसील से रजिस्ट्रार कानूनगो सतीश यादव ने हादसे की जानकारी ली।