संभल। हयात नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में आशा कार्यकर्ता और रोजगार सेवक ने एक महिला का प्रसव अनुदान के बहाने बैंक सहायता केंद्र पर खाता खुलवा लिया और फर्जी अंगूठा लगाकर खाते में मनरेगा की धनराशि का लेन-देन किया। शौचालय निर्माण की धनराशि लेने के दौरान महिला ने अपनी पासबुक बनवाई तो खाते में फर्जी लेनदेन की प्रविष्टि देखकर उसके होश उड़ गए। जिसकी शिकायत शाखा प्रबंधक से की लेकिन तकनीकी कारणों के चलते विभागीय कार्यवाही नहीं हो सकी। महिला ने खाते में फर्जी लेनदेन करने पर न्यायालय में मुकदमा दायर किया।
न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने ग्राम प्रधान व सचिव समेत पांच लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
हयात नगर थाना क्षेत्र के गांव मुजफ्फरपुर की रिंकी पत्नी मुकेश की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि करीब ढाई वर्ष पहले उसे प्रसव के बाद गांव की आशा कार्यकर्ता और रोजगार सेवक उसके घर आए और प्रसव पीड़ा का अनुदान दिलाने के बहाने बैंक सहायता केंद्र पर खाता खुलवाने ले गए।
जिसके बाद उन्हें केवल खाता नंबर दे दिया। करीब दो साल बाद महिला को शौचालय की धनराशि लेने के लिए खाते की आवश्यकता हुई तो उसने बैंक में जाकर पासबुक बनवाई। जिसमें पता लगा कि उनके खाते में दर्जनों बार लेन-देन हुआ और यह लेनदेन किसी और ने नहीं बल्कि जिस बैंक सहायता केंद्र पर खाता खुलवाया गया था वहां अंगूठा लगाकर हुआ था।
खाते में मनरेगा की धनराशि का लेनदेन हुआ। महिला ने अपने बैंक खाते में लेनदेन के फर्जी संचालन को लेकर पुलिस से शिकायत की। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। जिसके चलते हयात नगर पुलिस ने गांव की आशा कार्यकर्ता गीता, रोजगार सेवक विजेंद्र, बैंक सहायता मित्र विजय सिंह, ग्राम प्रधान स्वादेकिन और सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।