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शिक्षा के नाम पर स्कूलों में चल रहा कमीशन का खेल, होगी रिपोर्ट

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संभल। शिक्षा सत्र शुरू होते ही शिक्षा माफिया सक्रिय हो जाते हैं। किताब, ड्रेस, स्टेशनरी और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर अभिभावकों को लूटा जाता है। एनसीईआरटी किताबों के बजाए निजी प्रकाशकों की किताबें अभिभावकों को खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। बाकायदा निजी प्रकाशकों की किताबों के लिए ठेका दिया जाता है। निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत प्रशासन से की गई तो उप जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। जब जांच कराई गई तो कई मामले प्रकाश में आए। जिसे सुनकर सभी दंग रह गए। कमीशन के नाम पर अभिभावकों के साथ खुली लूट की जा रही है। अब इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश किए हैं।
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पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही है। शुक्रवार को उप जिलाधिकारी दीपेेंद्र यादव ने नगर के मोहल्ला देहली दरवाजा स्थित सेंट जीलानी स्कूल के प्रबंधक और नगर के अजंता बुक डिपो संचालक के खिलाफ कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आदेश किए हैं। उप जिलाधिकारी ने बताया कि नगर के शेर खां सराय निवासी नाजिश पुत्र मुख्त्यार ने एक शिकायती पत्र दिया था जिसमें किताबों का मूल्य अधिक लगाने का आरोप था।
इसके अलावा भी कई शिकायतें आईं। जिसमें स्कूल प्रबंधन पर मनमानी दिखा निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव बनाया गया। इस पर संज्ञान लेते हुए 9 अप्रैल को बैठक बुलाई गई थी। जिसमें सभी स्कूल प्रबंधक और बुक डिपो संचालक आए थे।
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बैठक के दौरान मालूम हुआ कि निजी प्रकाशकों से स्कूल और बुक डिपो का कमीशन तय होता है। शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ठेका दिया जाता है। जिसमें कमीशन तय किया जाता है। इसी का संज्ञान लेते हुए एक स्कूल प्रबंधक और एक बुक डिपो संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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