बबराला/गुन्नौर। निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई नवजात की मौत के बाद पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में कब्र खुदवाई और शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अस्पताल संचालक पर कार्रवाई का शिकंजा कसेगी। अगर नवजात की जान चिकित्सकों की लापरवाही से गई होगी तो उन पर कार्रवाई होगी। साथ ही प्रसव के ऐसे मामलों में प्रसूता और नवजात से खिलवाड़ कर रहे अस्पताल संचालक पर भी कार्रवाई के ठोस सबूत तैयार कराए जाएंगे।
11 सितंबर को धनारी थाना क्षेत्र के गांव कल्हा की सीमा को प्रसव के लिए गुन्नौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। जहां उसे ऑपरेशन कराने के बहाने एक निजी अस्पताल में भेज दिया। प्रसव के दौरान हुए ऑपरेशन में नवजात की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रसूता के परिजनों ने अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा काटा था। पुलिस ने प्रसूता की ओर से तहरीर देकर हंगामा शांत कराया और मुकदमा दर्ज किया था। गुन्नौर पुलिस ने अस्पताल संचालक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के लिए एसडीएम से पोस्टमार्टम कराने के लिए कब्र खुदवाने की अनुमति ली। तहसीलदार गुन्नौर करम सिंह चौहान की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव निकाला गया। इसके बाद शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार है। डॉ. पवन सिंह ने बताया कि अस्पताल संचालक अवैध तरीके से प्रैक्टिस कर रहा था जिसके चलते विभाग की ओर से पुलिस में एफआईआर कराई गई है। इसकी विभागीय जांच भी की जा रही है। साथ ही गुन्नौर क्षेत्र में फर्जी रूप से चलने वाले अस्पतालों का सर्वे कराके कार्रवाई की जाएगी। ममता नर्सिंगहोम को भी सील कर दिया गया।
अस्पताल संचालक पर हुई विभागीय एफआईआर
गुन्नौर में बिना पंजीकरण के चल रहे एक अस्पताल में एक नवजात की मौत हुई थी जिसमें हमने पुलिस से नवजात का भी पोस्टमार्टम कराया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल को सील किया गया है। हम इस मामले में स्वयं निर्देशन कर रहे है। सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों और आशा-बहुओं पर आरोप लगे हैं जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई की संस्तुति की है। आमवीर सिंह, एसडीएम गुन्नौर।