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राजघाट गंगा किनारे हो रहा बालू का अवैध खनन

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बबराला। शासन-प्रशासन के लोकसभा चुनाव कार्यक्रम में व्यस्तता का फायदा उठाते हुए खनन माफिया खनन के कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। चुनाव की तैयारियों में व्यस्त पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकते हुए खनन कारोबारी रात-दिन बालू का खनन कर रहे है। जिन्होंने अपना तरीका बदलते हुए खनन के लिए बैलगाड़ी का सहारा लिया है।
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बालू के अवैध खनन के लिए यूं तो गुन्नौर तहसील पहले से ही बदनाम है। जहां खनन माफिया पुलिस और प्रशासन को चुनौती देकर रातों रात बालू का अवैध खनन करने में माहिर है। लेकिन वर्तमान में जब जिला प्रशासन के साथ पुलिस भी चुनाव कार्यक्रम में व्यस्त है। तो खनन माफिया अपने तरीके को बदलते हुए राजघाट गंगा किनारे से बालू का अवैध खनन कर रहे हैं। जहां से ट्रैक्टर ट्राली नहीं बल्कि बैलगाड़ी में बालू को भरकर एक स्थान पर एकत्रित किया जा रहा है।
गंगा किनारे से खनन करके बालू एकत्रित करने का सिलसिला दिनभर रहता है। जिसे रात्रि में ट्रैक्टर ट्राली और ट्रक में भरकर बड़े नगरों और शहरों में भिजवाया जा रहा है। राजघाट से बालू का अवैध खनन करके बबराला तक लाने ले जाने वाली बैलगाड़ियों पर भी स्थानीय पुलिस और खनन विभाग की नजर नहीं है। लिहाजा अधिकारियों की व्यस्तता का फायदा उठाते हुए खनन कारोबारी अपने काले कारोबार को लगातार अंजाम दे रहे हैं।
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जिससे राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं अवैध खनन कारोबार पर लगाम लगाने की बजाय पुलिस भी अपनी नजरें इनायत कर रही है। पुलिस चौकी के सामने से गुजर रहे दर्जनों बैलगाड़ियों को चेक करने की बजाय नजरअंदाज किया जा है। चौकी प्रभारी का मानना है कि खनन विभाग को बिना साथ लिए हम छापेमारी नहीं कर सकते।
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राजघाट गंगा किनारे पर बालू का अवैध खनन हो रहा है। इसकी जानकारी हमें नहीं है। अगर बैलगाड़ी के माध्यम से खनन किया जा रहा है। तो मतदान खत्म होने के अगले दिन से ही हम कार्रवाई शुरू कर देंगे।- सुरेश कुमार, खनन निरीक्षक, संभल।
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