संभल। गोवंशीय पशुओं की चोरी की वारदात बहुत कम हुआ करती थीं लेकिन अब चोरी की वारदात बहुत अधिक बढ़ गई है। जिससे ग्रामीणों में चोरी को लेकर दहशत है। क्षेत्र में आवारा पशुओं के एकाएक चोरी होने के मामले सामने आ रहे हैं।
ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि गांव में घूमने वाले इन आवारा पशुओं को पशु तस्कर ही चोरी कर बेच रहे हैं। जिससे जानवार कम होते जा रहे हैं। पशु चोरों की दहशत से लोग अपने पशुओं को लेकर चिंतित हैं।
नखासा थाना क्षेत्र के गांव चमरौआ में भी गोवंशीय पशुओं की चोरी के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एक पशु तस्कर को पकड़ लिया जबकि उसके चार चोर भागने में कामयाब रहे थे। पुलिस ने पांचों तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पकड़े गए तस्कर को जेल भेज दिया।
जनवरी में हुई गोवंशीय पशु और मास की तस्करी की घटनाएं
23 जनवरी-
-चमरौआ गांव में ग्रामीणों ने एक पशु तस्कर को पकड़ा, फायरिंग करते हुए चार भागे।
-असमोली क्षेत्र में पुलिस ने गोवंशीय पशुओं की तस्करी करती एक बोलेरों को पकड़ा।
19 जनवरी-
-बबराला में लोगों ने गोवंशीय पशुओं को ले जाती कार को पकड़ा।
-संभल में बैरीकेड तोड़कर भाग रहे गोवंशीय से भरे टाटा मैजिक को पकड़ा।
17जनवरी-
-असमोली के मालपुर में सीमेंट की पुरानी फैक्ट्री में गोवंशीय पांच पशु मृत मिले।
12 जनवरी-
-असमोली क्षेत्र के कस्बा मढ़न में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिले।
10जनवरी-
-नगर के चंदौसी मार्ग पर पुलिस ने मुठभेड़ कर मास कारोबारियों को पकड़ा।
8 जनवरी-
-नखासा थाना क्षेत्र के बल्ले की पुलिया पर पुलिस ने गोवंशीय पशुओं की हत्या करने का अवैध स्लाटर हाउस पकड़ा।