संभल। लेखपालों ने अपने आंदोलन के तीसरे दिन गुरुवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। जिस वक्त अपर जिलाधिकारी लवकुश कुमार त्रिपाठी तहसील में अपर आयुक्त के निरीक्षण की तैयारी कर रहे थे। उस समय भी लेखपाल नारेबाजी करते रहे। आंदोलनकारी लेखपालों के तेवर तीखे थे और वे उन दो आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं, जिन्होंने लेखपाल संजीव कुमार को धमकाया है।
इस बीच उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव धरना स्थल पर पहुंचे और लेखपालों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया पर लेखपाल नहीं माने। अपर आयुक्त की मौजूदगी में शाम चार बजे एडीएम और एसडीएम ने लेखपालों से वार्ता की। सीओ सुदेश कुमार भी पहुंचे। इसके बाद लेखपालों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन को तीन दिन का मौका देकर धरना स्थगित कर दिया।
संभल जिले के रायपुर गांव में अवैध कब्जा हटाने पर 10 दिसंबर की रात करीब साढे नौ बजे सलारपुरकला क्षेत्र के लेखपाल संजीव कुमार को एक युवक ने फोन कॉल कर धमकाया था। कॉल रिकार्डिंग के आधार पर धमकी देने की रिपोर्ट हयातनगर थाने में 11 दिसंबर को दर्ज कराई गई है। लेकिन अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
इससे भड़के लेखपालों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। धरने पर बैठ गए। धरना गुरुवार को भी जारी रहा। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राघव गुरुवार को धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन के बारे में प्रांतीय नेतृत्व को जानकारी दी। नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। यह भी कहा कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।