बबराला। सस्ते गल्ले की सरकारी दुकान पर केरोसिन की कालाबाजारी और राशन को महंगी दरों पर बेचने के आरोप में एक कोटेदार की दुकान पर पूर्ति विभाग ने छापेमारी की। जहां कोटेदार केरोसिन की कालाबाजारी में दोषी पाया गया और राशन को महंगा बेचने की भी पुष्टि हुई। विभाग की ओर से कोटेदार पर कार्रवाई का शिकंजा कसने लगा है। जिसके लिए कोटेदार को आरोप पत्र जारी किया गया है।
गुन्नौर तहसील के गांव मीरमपुर में दर्जनों ग्रामीणों ने अधिकारियों से कोटेदार की वितरण में धांधली की शिकायत की थी। जिसके चलते गुरुवार को सहायक पूर्ति अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्रा और पूर्ति निरीक्षक दीपक श्रीवास्तव ने गांव में औचक छापेमारी की। जिसमें कोटेदार की दुकान पर वितरण के लिए लाया गया केरोसिन नहीं मिला और ड्रम भी खाली मिले। साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि दो रुपये प्रति किलोग्राम मिलने वाला गेहूं 6 रुपये और तीन रुपये प्रति किलोग्राम मिलने वाला चावल आठ रुपये प्रति किलोग्राम दिया जाता है। पूर्ति विभाग की टीम ने कोटेदार के खिलाफ अनियमितता के साक्ष्य जुटाने के बाद कार्रवाई का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिसे जवाब देने के लिए आरोप पत्र पहले ही जारी किया जा चुका है।
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कोट- ग्रामीणों की शिकायत के बाद हमने राशन की दुकान पर औचक छापेमारी की। जहां केरोसिन तेल के पांच ड्रम खाली मिले और गेहूं व चावल को भी महंगी दरों में बेचा जा रहा था। जिसे पहले ही आरोप पत्र जारी किया जा चुका है। अब दुकान निलंबन की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
- अश्वनी कुमार मिश्रा, सहायक पूर्ति अधिकारी संभल।