संभल। चिमियावली में तीन मीट फैक्टरियां हैं। इनमें खाद्य सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और राजस्व प्रशासन की टीम ने संयुक्त तौर पर मंगलवार को दोपहर चेकिंग की। सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखी गई। प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को लेकर लाइसेंस की शर्तो को सामने रखकर हकीकत परखी गई। उप जिलाधिकारी ने बताया कि तीनों टीमों की रिपोर्ट का आंकलन करने के बाद वह आख्या बनाएंगे। इसे जिलाधिकारी के माध्यम से शासन तक भेजा जाएगा।
उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खाद्य सुरक्षा विभाग, पशु पालन विभाग की टीम पहुची। तीनों फैक्टरियां चिमियवली में स्थिति हैं। फैक्टरियों में पशु काटकर मीट तैयार करने के आटोमैटिक प्लांट हैं।
इनमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए पानी के ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं। दूसरे मानकों का भी पालन कराया जा रहा है लेकिन प्रशासन के साथ विभिन्न विभागों की टीम कुछ शिकायतों की जानकारी के बाद पहुंची थी। मौके पर क्या पाया गया जब यह सवाल उप जिलाधिकारी से किया गया तो उन्होंने बताया कि जहां पर हड्डियों का भंडार था वहां पर मक्खियां थीं। खाद्य सुरक्षा विभाग से इस पर रिपोर्ट मांगी गई है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगे ट्रीटमेंट प्लांट सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं? इसकी रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण विभाग को देनी है। तीनों मीट फैक्टरियों में पशु चिकित्सकों की नियुक्ति है। ताकि यह पता लग सके कि कौन सा पशु काटने लायक है और कौन सा नहीं। जो चिकित्सक तैनात हैं? उनके प्रपत्र फैक्टरी मालिकों से लिए गए हैं अब इनका सत्यापन कराया जाएगा।
फैक्टरी मालिकों से कहा गया है कि मुख्य मार्ग से फैक्टरी तकके मार्ग पर वे बारिश के दिनों में पौधे लगवाएं ताकि पर्यावरण की रक्षा हो सके। इस पर फैक्टरी मालिकों ने सहमति जाहिर की है। निरीक्षण और चेकिंग के दौरान पुलिस बल भी साथ रहा।