संभल। गेहूं की खरीद कर रही एक फर्म पर एसडीएम ने छापामारी की। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गेहूं खरीद के दस्तावेज दिखाने के लिए कहा तो फर्म संचालक दिखा नहीं सका। गेहूं को कब्जे में लेकर फर्म कार्यालय सील कर दिया गया है। मंडी शुल्क चोरी का अंदेशा है। हालांकि फर्म संचालक ने कागज दिखाने के लिए 24 घंटे का समय मांगा है। इसके लिए एसडीएम ने हामी भर दी है। लेकिन जब तक फर्म कार्यालय सील रहेगी।
सोमवार को दिन में साढ़े तीन बजे करीब एसडीएम दीपेंद्र यादव ने मंडी समिति में संचालित हो रही एक फर्म पर छापामारी की। मौके पर फर्म के सामने ही भारी मात्रा में गेहूं खरीदा हुआ पड़ा था। जब गेहूं की खरीद के दस्तावेज मांगे गए तो फर्म संचालक नहीं दिखा सके। एसडीएम ने मंडी सचिव को बुलाकर मौके पर गेहूं से भरे कट्टों की गिनती कराई। इस गिनती में पचास-पचास किलोग्राम गेहूं के 1954 कट्टे निकले। एसडीएम ने मंडी शुल्क चोरी का अंदेशा जताया है।
साथ ही जब इस गेहूं की जानकारी मांगी गई तो फर्म संचालक नहीं बता सके कि वह यह गेहूं कहां से लाए हैं। अब इन कट्टों के साथ फर्म की दुकान को सील कराया गया है। हालांकि फर्म संचालक ने मंगलवार तक का समय दस्तावेज दिखाने के लिए मांगा है।
दरअसल प्रशासन गेहूं की सरकारी खरीद को रफ्तार देने के लिए अवैध खरीद फरोख्त पर शिकंजा कस रहा है। जिससे सरकारी खरीद ज्यादा से ज्यादा हो सके। लक्ष्य को पूरा किया जा सका। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलाधिकारी काफी गंभीर हैं और अपर जिलाधिकारी लगातार बैठक और निरीक्षण कर खरीद बढ़ाने के निर्देश दे रहे हैं।
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मामला मंडी शुल्क चोरी का सामने आया है। गेहूं की खरीद तीन दिन से हो रही है। जबकि मंडी शुल्क 72 घंटों के अंदर जमा करना होता है। फर्म संचालक कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए हैं। उन्होंने 24 घंटे का समय मांगा है। अभी माल को मंडी समिति के सुपुर्द किया गया है। फर्म के कार्यालय को सील कर दिया गया है।
दीपेंद्र यादव, एसडीएम, संभल।