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समझदारी दिखाएं, खुशियां मनाने के लिए फायरिंग से करें परहेज

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संभल। जिनके घर खुशी का माहौल था, उनके घरों में हर्ष फायरिंग के बाद उस समय मातम छा जाता है जब फायर की गई गोली किसी को लग जाती है। हर्ष फायरिंग की दो घटनाओं में सात दिनों के भीतर एक मासूम की जान गई तथा एक व्यक्ति घायल हुआ है। पुलिस ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लिया और रिपोर्ट दर्ज कराई जबकि कुछ लोग चाहते थे कि यह मामले रफादफा हो जाए। अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि खुशी के मौके पर फायरिंग अवैध है और इससे परहेज नहीं करेंगे तो कानूनी कार्रवाई का शिकंजा कसेगा।
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संभल जिले में सात दिनों के भीतर हर्ष फायरिंग की दो घटनाएं हुईं, जिसमें रजपुरा थाना क्षेत्र के कन्हुआ में आठ वर्ष की मासूम कुमकुम की जान गई। सौंधन क्षेत्र के गांव सिहावली में हुई हर्ष फायरिंग में रामखिलाड़ी का बेटा सत्यवीर घायल हुआ है। सत्यवीर ने रामरहीस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन रजपुरा पुलिस ने आठ वर्ष की मासूम को गोली लगने के मामले में भोला को गिरफ्तार किया है।
उसके खिलाफ पहले से रिपोर्ट दर्ज थी। बताते चलें कि पुलिस और प्रशासन के साथ उच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर हर्ष फायरिंग से रोका है लेकिन इसके बावजूद वैध तथा अवैध शस्त्रों का इस्तेमाल कर गोलियां चलाईं जाती हैं। रजपुरा थाना क्षेत्र के कन्हुआ में जो फायरिंग हुई उसमें भी अवैध शस्त्र का प्रयोग हुआ था जिसमें पुलिस ने शस्त्र भी बरामद किया है। अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि पिछली घटनाओं से सबक लेकर समझदारी दिखाएं क्योंकि खुशियां मनाने के लिए फायरिंग करना जरूरी नहीं है। उनका कहना है कि हर्ष फायरिंग करना अवैध है। इसमें गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी। ताकि फायरिंग करने वालों को सजा मिल सके।
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हत्या में तब्दील हुई हर्ष फायरिंग, मिली जेल
संभल। रजपुरा के थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि आठ वर्ष की मासूम कुमकुम की 8 मई को हर्ष फायरिंग में मौत हो गई थी। मौत के मामले में कुमकुम के पिता ने भोला के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दर्ज की गई थी। भोला को गिरफ्तार कर एक तमंचा व दो कारतूस बरामद किए गए हैं। यह वही तमंचा है जो फायरिंग में इस्तेमाल किया गया था। भोला के खिलाफ अवैध शस्त्र रखने की भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।

आत्मरक्षा के लिए होते हैं शस्त्र तो फिर फायरिंग क्यों
संभल। वरिष्ठ अधिवक्ता मशहूद अली फारुखी ने कहा कि खुशियां मनाने के लिए फायरिंग कहीं भी नहीं होनी चाहिए क्योंकि शस्त्र आत्मरक्षा के लिए दिए जाते हैं पर कुछ स्थानों पर देखने में आ रहा है कि लोग खुशी के मौकों पर शस्त्रों से फायर कर देते हैं। फायर में जरा सी चूक कई बार जानलेवा हो जाती है। रजपुरा की घटना इसका ताजा उदाहरण है। किसी की मौत पर हत्या और गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज होती है जबकि घायल होने पर भी रिपोर्ट दर्ज की जाती है। अपना बचाव करना है तो फायरिंग न करें।
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