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तीन मौतों के बाद शोक के गम में डूबा सिंघोला चेतसिंह गांव

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बबराला/गवां। ट्रैक्टर-ट्राली में यूकेलिप्टस की लकड़ी भरने के दौरान एक कंटेनर की टक्कर से हुए हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सिंघोला चेतसिंह में शोक की लहर दौड़ गई है। हर किसी की आंख नम है। गलियों में पसरा सन्नाटा गांव में छाए मातम को बयां कर रहा है। तीनों मृतकों के परिवार पर टूटे गमों के पहाड़ और महिलाओं का करुण विलाप हर किसी को झकझोर रहा है। मंगलवार की शाम को पीएम के बाद तीनों के शव गांव पहुंचे। जिनका अनूपशहर गंगा तट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सिंघोला चेतसिंह के रामस्वरूप ने निकट के गांव कमालपुर के अतर सिंह से यूकेलिप्टस का बाग खरीदा था। जिसकी लकड़ी काटकर मंडी पहुंचाने के लिए उसने गांव के राम किशोर के ट्रैक्टर-ट्राली को किराए पर लिया और चार युवकों को मजदूरी पर अपने साथ ले गए।
सोमवार को दिन में लकड़ी काटने के बाद सभी ने संभल-गवां मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर उसमें लकड़ी भर ली। जिसके बाद देर रात करीब दस बजे ट्रैक्टर चालू करने के लिए सभी लोग उसमें धक्का मार रहे थे कि संभल की ओर से आलू से भरा एक कंटेनर तेज रफ्तार से आया और धक्का लगा रहे लोगों को कुचलकर ट्रैक्टर-ट्राली को ढकेलते हुए सड़क किनारे गहरे गढ्ढे में जा घुसा।
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जिससे ट्रैक्टर चालक राम किशोर के साथ राम स्वरूप व छत्रपाल की उसके नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई जबकि महेश गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के दौरान तीन अन्य लोग दूर जाकर गिरे जिन्हें मामूली चोटें आईं। जिन्होंने खुद को संभालते हुए कंटेनर के चालक और परिचालक को पकड़ लिया। हादसे की सूचना पुलिस को और ग्रामीणों को दी गई।
दस मिनट के अंतराल के बाद निकट के गांव कमालपुर के ग्रामीण मौके पर पहुंचे गए लेकिन दबे लोगों को निकालने में नाकाम रहे। लेकिन घायलों को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से रजपुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया।
जिसके बाद कई थानों की पुलिस के साथ पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद और अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे। जिन्होंने जेसीबी और क्रेन से फंसे शवों को बाहर निकलवाया। इस दौरान गवां-संभल मार्ग पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। मौके पर सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए। मृतकों के परिजनों में भी कोहराम मच गया।

ग्रामीणों ने कंटेनर के चालक व परिचालक को बांधकर की पिटाई
बबराला/रजपुरा। हादसे के बाद मामूली रूप से घायल तीन युवकों ने चालक और परिचालक को पकड़ लिया। जिसके बाद करीब दस मिनट के बाद ग्रामीण पहुंच गए और एक रस्सी से दोनों बांधाकर जमकर पिटाई की। गनीमत रही कि तुरंत बाद डायल 100 पुलिस पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते हुए चालक व परिचालक को उनके चुंगल से छुड़ा लिया।

छत्रपाल के दो बेटे गंभीर बीमारियों के शिकार
बबराला। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले छत्रपाल के दो बेटे हैं जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं । बड़ा बेटा राकेश कुमार 10 वर्ष का जिसे किडनी में दिक्कत है। जिसका उपचार चल रहा है। जबकि छोटा बेटा नेमचंद 7 वर्ष का है जो शारीरिक रूप से चलने फिरने में असमर्थ है। पत्नी ओमवती का करुण विलाप हर किसी को झकझोर रहा है। दोनों बेटों की बीमारियों के उपचार की बात तो दूर अब उनके परिवार से पिता का साया हटने के बाद परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से भी वंचित हैं मृतकों के परिवार
- तीनों के परिवारों में नहीं है राशन कार्ड, झोपड़ी पर पन्नी डालकर गुजर करते हैं परिवार
बबराला/गवां। गरीब परिवारों को सहारा देने के लिए यूं तो सरकार की ओर से तमाम जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जाती हैं। लेकिन सभी लोगों को इनका लाभ नहीं मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर पेंशन और गरीब तबके लोगों को आर्थिक मदद के लिए भी योजनाओं का बखान सरकार की ओर से किया जाता है। लेकिन विडंबना है रजपुरा विकास खंड के गांव सिंघोला चेत सिंह के सड़क हादसे में जान गवाने वाले तीनों परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है। रामस्वरूप और छत्रपाल के नाम पर जमीन न होने के कारण उनके परिवार को कृषक दुर्घटना बीमा का भी लाभ नहीं मिल सकेगा। दोनों के परिवार कच्चे मकान और झोपड़ी पर बरसाती डालकर गुजारा करते हैं। जिनके परिवार भी सरकार की तमाम योजनाओं से वंचित हैं।

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हादसे के बाद तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। साथ ही कंटेनर चालक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद माहौल शांतिपूर्ण है। - देवेंद्र सिंह धामा, प्रभारी निरीक्षक, रजपुरा।
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