चंदौसी(संभल)। गुन्नौर सीएचसी में फ्रीजर में कोरोना बचाव की वैक्सीन जमने की जांच में सामने आया है कि सीएचसी में रखा आइस लाइनर रेफ्रीजरेटर (आईएलआर) करीब एक साल से खराब था। तत्कालीन सीएमओ और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने जानकारी होते हुए भी उसे कंडम घोषित नहीं किया था। अब दोनों अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और सीएचसी स्टाफ का तबादला हो चुका है। इस कारण जांच में समय लग रहा है।
गुन्नौर सीएचसी में 28 जनवरी को 103 वॉयल कोरोना से बचाव की वैक्सीन जम गई थी। सीएमओ के निर्देश पर इस मामले की जांच एसीएमओ डॉ. रामजीलाल व डॉ. एके वर्मा कर रहे हैं। जांच अधिकारियों ने पुराना रिकार्ड खंगाला तो सामने आया है कि गुन्नौर सीएचसी में रखा फ्रीजर करीब एक साल पहले ही खराब हो गया था। तत्कालीन सीएमओ डॉ. अमिता सिंह व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बीएल विराठिया को इसकी रिपोर्ट भी भेजी गई थी। इसके बाद भी उसे कंडम घोषित नहीं कराया गया। इस लापरवाही का परिणाम यह हुआ कि कोरोना से बचाव की 103 वॉयल वैक्सीन जम गई।
सीएचसी गुन्नौर का फ्रीजर करीब एक साल पहले से खराब था। यह फ्रीजर पहले ही कंडम हो जाना चाहिए था। अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। वहीं, तत्कालीन सीएमओ व डीआईओ दोनों सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस कारण जांच पूरी होने में समय लग रहा है।
डॉ. रामजीलाल, एसीएमओ