संभल। कोरोना संक्रमण ने कई परिवारों को ऐसा दर्द दिया है, जिन्हें ताउम्र भूलाया नहीं जा सकता है। इस कोरोना काल में कई परिवार पूरी तरह बिखर गए हैं। कोरोना संक्रमण के चलते कहीं माता-पिता की मौत होने से बच्चे अनाथ हो गए तो कई माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा टूट गया। वहीं, अनाथ हुए बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी कहीं मामा तो कहीं ताऊ ने उठाई है। वहीं, अपनों को खोने वालों का कहना है कि कोरोना काल में मिले जख्म जिंदगी भर में नहीं भर पाएंगे।
माता-पिता की मौत के बाद बेटे ने भी तोड़ा दम
सरायतरीन निवासी किशन सिंह (82) की संक्रमण से जूझते हुए नौ अप्रैल की रात मौत हो गई थी। इसकी जानकारी उनकी पत्नी विद्या देवी (78) को हुई तो अगले दिन दस अप्रैल की सुबह उन्होंने भी सदमे से दम तोड़ दिया। एक दिन के अंतराल से दो मौतें होने से परिवार सदमे में आ गया। इसके बाद किशन सिंह के बेटे सुशील ठाकुर (56) की हालत बिगड़ी तो घर में रहकर उपचार कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर उनकी बेटी हरियाणा के रेवाड़ी ले गई थीं। जहां 11 मई को उनकी मौत हो गई। एक महीने में तीन मौतों से परिवार बुरी तरह टूट गया है।
पति-पत्नी की गई जान, मामा कर रहे भांजी का लालन-पालन
हयातनगर निवासी राजेश गुप्ता की पत्नी मधु गुप्ता (56) की 14 अप्रैल को संक्रमण से जूझते हुए मौत हो गई। अगले दिन 15 अप्रैल को कोेरोना संक्रमित राजेश गुप्ता ने भी दम तोड़ दिया। माता-पिता की मौत से प्रियांशी गुप्ता अनाथ हो गई। मामा साहू दिनेश चंद्र गुप्ता ने भांजी के लालन-पालन की जिम्मेदारी उठाई है। प्रियांशी गुप्ता अब अपने मामा के साथ रहती है।
आठ दिन में तीन मौतों से परिवार का पहुंचा गहरा सदमा
मोहल्ला ठेर निवासी चौधरी अमर सिंह की मां सवित्री देवी (95) की हृदय गति थमने से 20 अप्रैल को मौत हुई थी। अगले दिन 21 अप्रैल को चौधरी अमर सिंह (74) की संक्रमण से जूझते हुए दम तोड़ दिया था। दो दिन में दो मौतों से परिवार सदमे में आ गया। इस सदमे से परिवार निकला नहीं था कि 28 अप्रैल को अमर सिंह की पत्नी पुष्पलता (69) की मौत हो गई। आठ दिन में तीन मौतों से परिवार गहरे सदमे में हैं।
एक ही दिन में संक्रमण से जूझते हुए दंपती ने तोड़ा दम
हल्लू सराय निवासी राजीव कुमार (52) की 24 अप्रैल को संक्रमण से जूझते हुए मौत हो गई। इसकी जानकारी पत्नी निशा सिंह (48) को हुई तो दो घंटे बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दंपती संक्रमण से जूझ रहा था। दोनों का इलाज चल रहा था। परिवार में मृतक दंपती का बेटा अंश प्रताप सिंह और बेटी अपूर्वी सिंह हैं। इन बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी ताऊ प्रदीप कुमार उठा रहे हैं। माता-पिता का साया उठने से पूरा परिवार बिखर गया है।