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जाफरपुर में मंदिर के पास बने पंचायतघर को लेकर विवाद

सार

तहसील क्षेत्र के गांव जाफरपुर में पंचायतघर को लेकर विवाद शुरू हो गया है।गुन्नौर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पूठरी के राजस्व गांव जाफरपुर में शिव मंदिर की भूमि पर एक कमरा बना है।
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तहसील क्षेत्र के गांव जाफरपुर में पंचायतघर को लेकर विवाद शुरू हो गया है। ग्रामप्रधान ने पंचायतघर बताया है। वहीं महंत और ग्रामीणों ने उसे मंदिर की जगह में संत महात्माओं के लिए रुकने के लिए बनाया गया कमरा बताया है। उन्होंने अधिकारियों पर भी शिकायत का संज्ञान नहीं लेने का आरोप लगाया है।
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गुन्नौर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पूठरी के राजस्व गांव जाफरपुर में शिव मंदिर की भूमि पर एक कमरा बना है। ग्रामीणों के अनुसार यह भूमि गांव के ही त्रिलोकी और मोतीराम ने करीब वर्ष 1957 में शिव मंदिर को दान की थी। इस भूमि पर भगवान शिव का मंदिर बना है। कई पुराने पेड़ लगे हैं। इसके अलावा संत महात्माओं के ठहरने के लिए दो कमरे भी बने हैं। इनमें एक कमरे का निर्माण वर्ष 2003 में पूर्व प्रधान ज्ञानवती देवी ने ग्रामीणों केे सहयोग से कराया था। आरोप है कि बीते दिनों ग्राम प्रधान द्रोपा देवी ने सचिव से मिलकर मंदिर के कमरे में टाइल्स लगवाई और रंगरोगन करा दिया। उसे पंचायत घर का रूप दे दिया। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत के बाद भी मामले में सुनवाई नहीं हुई।
मंदिर की भूमि पर ही संत महात्माओं को ठहरने के लिए कई वर्ष पहले ग्रामीणों के सहयोग से एक कमरे का निर्माण कराया गया था। अब ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर उसको पंचायतघर का रूप दे दिया। प्रशासन भी हमारी मदद नहीं कर रहा है। -कल्याण गिरि, महंत शिव मंदिर मढ़ी
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करीब बीस वर्ष पहले पंचायतघर का निर्माण हुआ था। हमने तो छह माह पहले उसका सौंदर्यीकरण का कार्य कराया है। कुछ लोग राजनीतिक तौर से हमको बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। -द्रोपा देवी, ग्रामप्रधान, पूठरी
महंत कुछ ग्रामीणों के बहकावे में आकर इधर उधर शिकायत कर रहे हैं। हमने उक्त प्रकरण को लेकर जांच कराई है। वह पंचायतघर ही है, जिसका निर्माण कई वर्ष पहले हुआ था। मंदिर के समीप होने के कारण महंत उसके कमरा होने का दावा कर रहे हैं। -रामकेश धामा, एसडीएम, गुन्नौर
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