विद्युत विभाग हमेशा से ही बड़े विद्युत बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचता रहा है। इसलिए विभिन्न विभागों पर बड़ी धनराशि बकाया होने का यही कारण है। लेकिन अब यह मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने अब अभियान चलाकर बड़े बकायेदारों के विद्युत कनेक्शन काटने के लिए कमर कस ली है।
जब भी विद्युत विभाग ने बकाया वसूली को अभियान चलाया तो विभाग ने छोटे बकायेदार व किसानों पर ही दबाव बनाया। इसमें जो भी वसूली हुई, उसे विभाग को अवगत करा दिया। लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने कभी बड़े बकायेदारों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। यही कारण है कि बिजली विभाग का उपभोक्ताओं पर दस करोड़ रुपया बकाया है। इसका पता जब लखनऊ में बैठे अधिकारियों को चला तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया।
उप्र पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। कहा गया हैकि यह बात सामने आई है कि विद्युत कनेक्शन काटे के प्रकरणों में बड़े बकायेदारों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। दूसरी ओर कम बकाया वाले उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काटे जा रहे है।
उन्होंने मार्च में बड़े बकायेदारों के खिलाफ सघन अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए थे। वहीं, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष ने कहा आपातकालीन सेवा होने के कारण अस्पतालों को छोड़कर अन्य सभी बकायेदार सरकारी कार्यालयों की बिजली बकाया भुगतान नहीं करने पर काट देने के निर्देश दिए हैं।
अधीक्षण अभियंता वीके पांडेय ने बताया कि अभियान में एक लाख रुपये से अधिक बकाया वाले गैरसरकारी विद्युत कनेक्शनों को शत प्रतिशत काट दिया जाएगा। सरकारी बकायेदार विभागों में भी अस्पतालों को छोड़कर अन्य सभी के कनेक्शन काटे जाने के निर्देश दिए गए हैं।