सरायतरीन। बहजोई और पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के 48 गांवों में कीचड़ के साथ गंदगी फैली हुई है। जलभराव की भी समस्या बनी हुई है। यह स्थिति तब है जब एक से तीस अप्रैल तक संचारी रोग दस्तक अभियान चल रहा है और जिला स्तर से ही साफ-सफाई के लिए माइक्रो प्लान बना हुआ है।
आदेश हैं कि दस-दस सफाई कर्मियों का समूह गांव में जाएगा और विशेष साफ-सफाई कराई जाएगी। लेकिन इसे लेकर अधिकारी भी सजग नहीं है। यही वजह है कि स्थिति जस की तस बनी हुई है। संचारी रोग अभियान एक अप्रैल से शुरू हुआ, जिसे बृहस्पतिवार को 11 दिन बीत गए। धरातल पर सफाई कार्य शुरू न होने से लोगों में संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा पैदा हो गया है।
पवांसा के 27 गांवों में जलभराव और गंदगी
अतरासी, धुरैटा, चिरौली भगवंतपुर, शेरपुर, चपतियों की मढ़ैया, अख्त्यारपुर चौबे, लहरा कमंगर, पवांसा, नगला खाकम, मल्लाह मुस्तफाबाद, बिचपुरी, निबौरा, खिरनी मोहिउद्दीनपुर, छछैरा, ऐंजरा, करेली, नगलिया बल्लू, गौहत, लखनपुर, मोहम्मदपुर सौंधन, सिहावली, चाचूनागल की मढ़ैया, कैलमुंडी, असलमपुर, बंजरपुरी, मिलक सैंजना, विक्रमपुर ताहरपुर शामिल हैं।
बहजोई ब्लॉक के 21 गांव में जलभराव है और कीचड़ फैली हुई है। गांव बरखेड़ा सोनक, बल्लमपुर, नाचनी, बबनपुरी कलां, चकरपुर मेमरी, चंदनकटी मौजा, किरारी, अहमदनगर पस्तोरा, श्योराजपुर की मढ़ैया, शंकरपुर, चंदनकटी चूहा, परतापुर, घासीपुर, चाटन, सीकरी, बड़ैरिया, कुंवरपुर, भगवंतपुर, बहरौली, ताहरपुर, अर्जुनपुर खुर्द और श्योराजपुर शामिल है।