जिला मुख्यालय का शिलान्यास होने के बाद समर्थकों ने कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद व उनके बेटे सुहेल इकबाल को कंधे पर उठाकर नारेबाजी की।
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यदि शासन ने कोई तब्दीली नहीं की तो जिला प्रशासन का मास्टर प्लान लागू हो जाएगा। यह वही मास्टर प्लान है जो तत्कालीन जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने 15 दिसंबर 2015 को जिला मुख्यालय पवांसा में बनाए जाने की अधिसूचना के बाद शासन को भेजा था।
मौजूदा जिलाधिकारी भूपेंद्र एस. चौधरी ने उसी प्रस्ताव को नए सिर से अंतिम रूप देकर मास्टर प्लान और नक्शे के साथ राजस्व परिषद के पास भेजा है। प्रस्ताव के मुताबिक कलक्ट्रेट रहमापुर और जेल घासीपुर में प्रस्तावित की गई है।
घासीपुर चंदौसी तहसील में है और रहमापुर संभल तहसील में है। जिला मुख्यालय के सिलसिलें में पवांसा के करीब स्थित नंदनपुर की जमीन का ब्योरा भी शासन को गया है। पांच वर्ष से भी अधिक समय से मुख्यालय का प्रस्ताव अटका पड़ा था।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ने लखनऊ में कर दिया है। यदि जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर अमल हुआ तो जिले के अधिकतर कार्यालय रहमापुर के जंगल में बनाए जाएंगे। इसके लिए रहमापुर, जंगलपुर और घासीपुर गांवों की जमीन ली जाएगी।
इसमें 4 हेक्टेयर जमीन ग्राम समाज की है। बाकी जमीन सर्किल रेट के हिसाब से खरीदी जाएगी। सर्किल रेट 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। 277.35 एकड़ भूमि पर जिला मुख्यालय का निर्माण कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।