बहजोई। विकासखंड बहजोई के गांव बढ़ेरिया में ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच में विकास कार्यों की धनराशि के दुरुपयोग का मामला सामने आने पर एक ग्राम पंचायत सचिव समेत तीन ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इन सभी को ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
विकासखंड बहजोई के गांव बढ़ेरिया में विकास कार्यों में 2 लाख 26 हजार 222 रुपये के दुरुपयोग के आरोप में तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव चेतन्य कुमार को निलंबित किया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि बीते दिनों ग्राम पंचायत बढ़ेरिया के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। जांच में ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव को दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने 16 जून 2020 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसे लेकर ग्राम पंचायत सचिव ने 14 अगस्त 2020 को अपना जवाब भेजा जोकि असंतोषजनक था। इसे लेकर तत्कालीन पंचायत सचिव को वित्तीय वर्ष 2017-18 में जूनियर हाईस्कूल में शौचालय निर्माण को लेकर 29 हजार 895 रुपये, प्राइमरी स्कूल में 23 हजार 478 रुपये, गांव पस्तोरा में किए गए नाला निर्माण में 43 हजार 789 रुपये तथा वर्ष 2018-19 में गांव बरखेड़ा गजा में नाली निर्माण, सीसी टाइल्स व मिट्टी कार्य में 53 हजार 265 रुपये, पस्तोरा में सीसी टाइल्स, नाली निर्माण व मिट्टी कार्य में 32 हजार 790 रुपये तथा पस्तोरा में ही सफाई व मिट्टी कार्य समेत नाली निर्माण में 43 हजार 5 रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में निलंबित किया गया है।
डीपीआरओ ने बताया कि पंचायत सचिव को ब्लॉक मुख्यालय बहजोई से संबद्ध करते हुए खंड विकास अधिकारी रजपुरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, जिला विकास अधिकारी रामसेवक ने बताया कि ग्राम पंचायत बढ़ेरिया में वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में ग्राम विकास अधिकारी व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रमेश कुमार को निलंबित कर विकासखंड रजपुरा से संबद्ध किया गया है।
साथ ही पूरे मामले में खंड विकास अधिकारी रजपुरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। डीडीओ ने बताया कि इसके अलावा वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत बढ़ेरिया में कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में ग्राम विकास अधिकारी विकासखंड पवांसा व तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत अवनीश उपाध्याय को निलंबित कर विकासखंड बनियाखेड़ा से संबद्ध किया गया है। खंड विकास अधिकारी बनियाखेड़ा को पूरे मामले में जांच अधिकारी नामित किया गया है। वहीं, ग्राम पंचायत बढ़ेरिया में ही जिलाधिकारी के आदेश पर डीपीआरओ की ओर से जांच कर सौंपी गई आख्या में ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में 9 लाख 55 हजार 803 रुपये की धनराशि के दुरुपयोग पाए जाने पर ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र कुमार को निलंबित कर विकासखंड जुनावई से संबद्ध किया गया है। इसे लेकर पीडी डीआरडीए को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।