संभल। शहरवासी हर दिन जाम के दर्द से कराह रहा रहे हैं। जिम्मेदारों के जाम से निजात दिलाने के दावे फेल हो गए हैं। शहर में चौराहे और तिराहे ऐसे हैं, जहां पर जाम की वजह से लोगों का घंटों समय बर्बाद होता है। त्योहारी सीजन और सहालग में जाम की समस्या और बढ़ जाती है। बावजूद जिम्मेदार मौन हैं।
नगर क्षेत्र में आर्य समाज रोड, बाल विद्या मंदिर स्कूल रोड, अस्पताल चौराहा, चंदौसी चौराहा, नखासा चौराहा, तेल मंडी जाम प्वाइंटों के रूप में विकसित हो गए हैं। इन्हें पार करना किसी भी वाहन चालक के लिए जंग जीतने के बराबर है। पिछले कुछ दिनों से इन प्वाइंटों पर कमोवेश रोज जाम लगता है। जाम भी ऐसा कि घंटों में इन प्वाइंटों को पार किया जाता है। बड़ी बात यह है कि इन प्वाइंटों से पार पाने में यातायात पुलिस के पास अभी कोई प्लान ही नहीं है। हालांकि, जाम के दौरान पुलिस यातायात को व्यवस्थित करने में जुटी तो रहती है पर यह हर दिन संभव नहीं हो पाता। ऐसे में इस जटिल समस्या का समाधान आसानी से होता नजर नहीं आ रहा है।
ई-रिक्शा भी बन रहे जाम का कारण
जाम की मुख्य बजह बन रहे ई-रिक्शा न सिर्फ यातायात व्यवस्था को बदतर बना रहे हैं, बल्कि नगर के लोगों के लिए सिरदर्द बने हैं। इनकी वजह से लगने वाले जाम की वजह से लोगों का समय बर्बाद हो रहा है। शहर में पंजीकृत और अपंजीकृत को मिलाकर करीब 2000 ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस इन पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में शहर के सभी मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ई-रिक्शा चालक किसी भी रूट पर बेखौफ होकर फर्राटा भरते हैं। इनकी वजह से जाम लगा रहता है।
कोट
अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने का प्रयास किया जाएगा। नो-पार्किंग में खड़े वाहनों पर चालानी कार्रवाई होगी। क्योंकि इनकी बजह से भी जाम लगता है। इसके अलावा जो भी संभव प्रयास होंगे, किए जाएंगे। -प्रमोद मान, यातायात प्रभारी, संभल