बहजोई। चिकन बिरयानी में तेल की गुणवत्ता खराब मिली तो वेज बिरयानी में प्रतिबंधित रंग की मिलावट की बात सामने आई। इसके अलावा दूध व मावा में फैट कम व सरसों का तेल भी मानक के मुताबिक नहीं मिला। इसका खुलासा बीते दिनों खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से जिले भर में की गई चेकिंग में लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल की प्रयोगशाला में जांच के बाद मिली रिपोर्ट में हुआ।
विभागीय अधिकारियों की ओर से संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किए जाने की बात कही गई है। सहायक आयुक्त, खाद्य मानवेंद्र सिंह ने बताया कि जुलाई, अगस्त व सितंबर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से जिले में खाद्य पदार्थों की चेकिंग की गई थी। इसके बाद प्रयोगशाला में जांच के बाद अब दिसंबर में इन खाद्य पदार्थों के सैंपल की रिपोर्ट मिली है।
एसीएफ ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की ओर से संभल के भवालपुर माफी में गुफरान अली की दुकान से परी गोल्ड ब्रांड की नमकीन व रजपुरा के चाऊपुर डांडा में जयवीर व कैलादेवी के अझरा में पप्पू सिंह की दुकान से दूध, बहजोई के बंबा रोड में विनोद कुमार की दुकान से दो कोल्हू ब्रांड सरसों का तेल, एंचोड़ा कंबोह के पेली में गजराम सिंह की दुकान से पनीर, कुढ़ फतेहगढ़ के धर्मपुर कुइंया में मुकेश की दुकान से मावा, चंदौसी में लक्ष्मी शुद्ध भोजनालय से दही, संभल के मुंसिफ रोड में रब्बू होटल से चिकन बिरयानी, गुन्नौर में कासिम की दुकान से वेज बिरयानी व असमोली के सफातनगर में सोनू की दुकान से दूध का सैंपल लिया गया था।
उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला में जांच के बाद मिली रिपोर्ट के मुताबिक वेज बिरयानी में प्रतिबंधित रंग की मिलावट मिली। वहीं, चिकन बिरयानी में तेल की गुणवत्ता खराब थी। इसके अलावा दही, मावा, पनीर व दूध में फैट कम रही। साथ ही, सरसों का तेल मानक के अनुरूप नहीं था। नमकीन में प्रतिबंधित रंग की मिलावट थी और तेल की गुणवत्ता भी खराब थी।
एसीएफ ने बताया कि संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी कर अपनी बात रखने व दोबारा जांच कराए जाने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। सही जवाब न मिलने पर वाद दायर कराया जाएगा।