इसके बाद किराना बाजार की बड़ी दुकानों को शटर गिर गए। देखते-देखते बाजार में अफरातफरी के साथ डर का माहौल बन गए। दुकानदारों को कार्रवाई का भय था। इसी भय के चलते करीब तीन घंटे तक दुकानें बंद रहीं और इस दौरान दुकानदार एक-दूसरे से नहीं बल्कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से फोन पर संपर्क कर रहे थे ताकि यह पता लग सके कि कहां से कौन सी टीम आ रही है। सरायतरीन में दुकानें बंद होने और छापेमारी के अंदेशे को देखते हुए संभल की कुछ सर्राफा दुकानें बंद रहीं।
सरायतरीन के सर्राफा बाजार में एक सर्राफ के पास यह मैसेज था कि सेंट्रल एक्साइज की टीम नोट बंद होने के बाद हुई सोने चांदी की खरीद फरोख्त के बिल चेक करेगी। इस पर सर्राफ ने अपनी दुकान से पुराने बिलों की बुक्स को हटाना शुरू किया। पड़ोसी दुकानदारों ने देखा तो उन्होंने भी यही काम किया और इसके बाद एक-एक करके कई दुकानें बंद हो गईं। जैसे ही यह खबर अन्य व्यापारियों तक पहुंची। उन्होंने भी दुकानें बंद कर दीं। इसके चलते करीब ग्यारह बजे से दो बजे तक बाजार में अफरातफरी भरा माहौल बना रहा। दुकानें बंद रहीं।
सरायतरीन से उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष कमल कौशल वार्ष्णेय ने इस बारे में विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया। तब यह बात साफ हुई कि कोई छापेमारी नहीं होनी है। छापेमारी को लेकर सिर्फ अफवाह है। दोपहर दो बजे के बाद दुकानें खुल गईं।
बबराला। कस्बा में स्टेशन मार्ग पर स्थित मुख्य बाजार पर उस वक्त दुकानों के शटर गिरने लगे थे। जब किसी ने उन्हें बिक्रीकर विभाग की टीम के आने की सूचना दी। दोपहर दो बजे जैसे ही बिक्रीकर की छापेमारी की खबर बाजार के दुकानदारों में फैली तो उनमें हड़कंप मच गया। एक-दूसरे की सूचना पर दर्जनों दुकानदार दुकानों के शटर गिराने लगे। हालांकि कुछ समय पश्चात लगा कि खबर झूठी तो है बाद में दुकाने खुल गई।
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