गेहूं खरीद एजेंसियों के प्रभारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बिलकुल भी खौफ नहीं है। हैरत की बात यह है कि मुख्यमंत्री के पड़ोसी जिले में आने की खबर के बावजूद चंदौसी कृषि उत्पादन मंडी समिति में स्थित गेहूं खरीद केन्द्र पर किसानों से अवैध वसूली की जा रही थी।
नैफेड संस्था का गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी सरेआम किसानों से सुविधा शुल्क वसूल रहा था। उपजिलाधिकारी, डिप्टी आरएमओ ने छापा मारा तो किसान को दिया गया नोट केंद्र प्रभारी की जेब में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केंद्र प्रभारी को तत्काल हिरासत में ले लिया।
गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों का खुला उत्पीड़न किया जा रहा है। किसानों का गेहूं न लेकर केंद्र प्रभारी बिचौलियों का गेहूं बिना किसी आईडी व आधारकार्ड और पंजीकरण के खरीदा जा रहा है। किसानों को कई-कई दिन तक क्रय केंद्रों पर खड़ा रखा जा रहा है, जो किसान सुविधा शुल्क देता है, उसी का गेहूं तोला जा रहा है।
एक ऐसी ही शिकायत गुरुवार को उपजिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान के पास भी आई। किसान को दो हजार रुपये का नोट नंबर लिखकर दिया गया। किसान ने वही नोट नैफेड संस्था के क्रय केंद्र प्रभारी उदयवीर सिंह को सुविधा शुल्क मांगने पर दे दिया।
दोपहर दो बजे उपजिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान व पीसीएफ के डिप्टी आरएमओ अनुपम निगम ने खरीद केंद्र पर छापा मारा। वही दो हजार रुपये का नोट केंद्र प्रभारी की जेब से मिला। इससे क्रय केंद्र प्रभारियों में खलबली मच गई।
गांव शमसोई के ग्रामीणों ने केंद्र प्रभारी पर चालीस रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया। गांव किशनपुर के ग्रामीण ने केंद्र प्रभारी पर गेहूं तोलने के लिए 1100 रुपये लेने का आरोप लगाया। सख्ती से पूछताछ करने पर केंद्र प्रभारी उदयवीर सिंह ने दो हजार रुपये लेने की बात कबूली।
उपजिलाधिकारी ने सभी के बयान दर्ज किए। इसके बाद कोतवाली प्रभारी अमित कुमार को मय फोर्स बुला लिया गया। केंद्र प्रभारी उदयवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी की तहरीर पर केंद्र प्रभारी उदयवीर सिंह निवासी अभनपुर नरौली के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वहीं, उपजिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान का कहना है कि किसानों का उत्पीड़न किया गया तो केंद्र प्रभारियों को जेल भेजा जाएगा। गेहूं खरीद एजेंसियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।