बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष/आईआरएस प्रीता हरित ने ब्राह्मणवादी और मनुवादी व्यवस्था पर जमकर प्रहार करते हुए सवाल किया कि आखिर अपमान सिर्फ दलित महिलाओं का ही क्यों होता है। महिला उत्पीड़न का विरोध करने वाली महिलाओं को भी आड़े हाथ लेते हुए अफसोस जाहिर किया।
कहा कि शीघ्र निष्पक्ष जांच हो। जब तक आरोपी सीडीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके दंडित नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। चाहे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़े, पीड़िता को न्याय और दोषी को सजा दिलाकर ही रहूंगी।
बहजोई देहात में आईटीआई के पास सीडीओ-जिला समन्वयक आडियो मामले में बहुजन सम्यक संगठन द्वारा बुलाई गई सभा में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीता हरित का फूलमालाओं से स्वागत किया। प्रीता हरित ने कहा कि बाबा साहब एक जाति-धर्म विहीन, भेदभाव रहित समाज चाहते थे। महिला वह किसी भी जाति धर्म की है, ब्राह्मणवाद की शिकार हैं लेकिन सामाजिक अपमान सिर्फ दलित महिलाओं का ही होता है। हैरत की बात है कि महिला के उत्पीड़न के खिलाफ महिलाएं ही खड़ी हो गई, उन महिलाओं को समझना चाहिए कि इसी ब्राह्रमणवाद ने महिलाओं को पशु के साथ गिना है।
रही बात जिला समन्वयक के उत्पीड़न की तो पक्षपात हो सकता है लेकिन कानून व्यवस्था पर मेरा पूरा भरोसा है। कानून की हद में रहकर सभी से दलित उत्पीड़न के खिलाफ व आत्मसम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। इसमें साथ देने के लिए सभी से हाथ उठवाकर सहमति ली। उन्होंने देश की कई दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर विस्तार से रोशनी डाली।इसमें जसवंत सिंह, ज्ञानप्रकाश, सुशीला रहे।