टीकाकरण के सरकारी कार्यक्रम में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सरकार टीकाकरण पर जोर दे रही है तो वहीं गांव भिरावटी में एएनएम ही नहीं आती, जिसका खामियाजा एक नवजात को भुगतना पड़ा।
उसे टिटनेस हो गया। गर्भावस्था के दौरान अगर मां को टीके लग जाते तो शायद दंपति को यह दिन नहीं देखना पड़ता। नवजात बरेली के एक अस्पताल में भर्ती है।
भिरावटी गांव में गौरव यादव और रजनी यादव का परिवार रहता है। गौरव यादव रजपुरा चीनी मिल में सुपरवाइजर हैं। उनकी पत्नी रजनी को गर्भावस्था के दौरान टीके नहीं लगे थे। 9 जनवरी को अपने घर में बेटे को जन्म दिया। पिता गौरव यादव ने बताया कि बेटे को बुखार था। उसे करीबी गांव बायभूड़ में एक निजी चिकित्सक को दिखाया गया।
चिकित्सक ने टिटनेस के लक्षण बताए। साथ ही जानकारी दी कि यदि मां को टीका लगा होता तो नवजात को टिटनेस न होता। तत्काल उसे बरेली ले गए। बरेली के जिला अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। बरेली में बाल रोग विशेषज्ञ डा. कर्मेंद्र ने उपचार किया। डा. कर्मेंद्र ने भी टिटनेस की पुष्टि की है। उनका कहना है कि बालक की जान खतरे में है।