चंदौसी में कब्रिस्तान के निकट रेल फाटक पर जल्दबाजी के चक्कर में एक चालक ने बंद होते बैरियर के बीच कार फंसा दी। गेटमैन ने लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को रोका। लोगों की मदद से कार को उठाकर ट्रैक की साइड में लगवाया और 20 मिनट के बाद ट्रेन को धीमी गति से गुजारा। गेटमैन को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है।
कब्रिस्तान के बराबर रेलवे फाटक से बुधवार की दोपहर 1: 57 बजे इंदौर साप्ताहिक ट्रेन को निकालने के लिए फाटक बंद किया गया था। इस दौरान फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी थी। ट्रेन गुजरने के कुछ देर बाद ही फाटक खोल दिया गया। जैसे ही वाहन निकलने शुरू हुए।
इसी बीच चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस के आने का समय हो गया। फाटक से गुजरते वाहनों के बीच फिर से गेटमैन संजीव कुमार ने ट्रेन गुजरने के लिए 2: 03 बजे फिर बूम गिरा दिया। जल्दबाजी में स्विफ्ट डिजायर कार ट्रैक पर दोनों बैरियर के बीच फंस गई और बूम का लॉक लग गया। उसी दौरान ट्रैक पर ट्रेन आ गई।
जिसके बाद लोगों के हाथ-पैर फूल गए। चालक कार को छोड़कर अलग खड़ा हो गया। गेटमैन ने कंट्रोल को सूचना दी, पर तब तक ट्रेन सिग्नल पार कर चुकी थी। गेटमैन ने लाल झंडी दिखा ट्रेन को रुकवाया। इसके बाद वहां मौजूद होमगार्ड और अन्य लोगों ने कार को धक्का देकर बूम की साइड में लगवाया।
जिसके बाद ट्रेन को धीमी गति से निकाला गया। इस दौरान ट्रेन करीब बीस मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही। ट्रेन के गुजरने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
होमगार्ड ने भी नहीं रोका कार चालक
फाटक पर बूम के बीच कार फंस गई थी। ट्रैक पर आती हुई ट्रेन को गेटमैन ने रुकवा दिया। वहां दो होमगार्ड तैनात थे। ट्रेन के निकल जाने के बाद लोगों ने जाम खुलवाने के लिए शोर मचा दिया। शोर के बीच होमगार्डों ने आनन-फानन में कार को ट्रैक से निकलवा दिया और इसके बाद चालक कार लेकर चला गया।
ट्रेन देखकर लोगों के उड़े होश
गेटमैन ने बताया कि कंट्रोल को सूचना दी गई थी। इसके बावजूद वहां न तो आरपीएफ पहुंची और न ही जीआरपी। फाटक पर इस दौरान भीड़ अधिक थी। ट्रैक के बीच कार खड़ी होने और सामने से ट्रेन को आता देखकर लोगों के होश उड़ गए। चीख पुकार मच गई।
जल्दबाजी के चक्कर में कब्रिस्तान फाटक पर बूम के बीच में कार आ गई थी। इस मामले में कंट्रोल की सूचना पर गेटमैन को निलंबित कर दिया है। मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -हरभजन सिंह, स्टेशन अधीक्षक चंदौसी