जुनावई(संभल)। थाना क्षेत्र के मेरठ-बदायूं हाईवे किनारे गांव दुबारी कलां में बुधवार की रात घर के बाहर अपनी आठ वर्षीय पुत्री अल्शिफा के साथ चारपाई पर सो रहे ई-रिक्शा चालक सलीम (30) को बेकाबू कार ने रौंद दिया। कार चारपाई समेत पास खड़े ई-रिक्शा को तीस मीटर की दूरी तक घसीटते हुए खंभे में जा घुसी। हादसे में पिता-पुत्री की मौत हो गई। आवाज सुन कर घर से बाहर आए आसपास के लोगों ने कार चालक को पकड़ लिया और मौके पर पहुंची पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे हैं।
थाना क्षेत्र के दुबारी कला गांव के रहने वाले सलीम ई-रिक्शा चला कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। उनका मकान मेरठ बदायूं हाईवे के किनारे बना हुआ है। वह रोज की तरह ई-रिक्शा की रखवाली करने के के लिए बुधवार की रात अपनी आठ वर्षीय बेटी अल्शिफा के साथ एक ही चारपाई पर सो रहे थे।
रात 12 बजे के बाद कार (टैक्सी) चालक दिल्ली की तरफ से बदायूं जा रहा था। तेज रफ्तार होने के कारण चालक घर के बाहर सो रहे पिता-पुत्री की चारपाई और नजदीक खड़े ई-रिक्शा को घसीटते हुए तीस मीटर दूर तक ले गया और कार खंभे में जा घुसी। बिजली का पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया।
धमाके की आवाज सुन कर पास पड़ोस के लोग जाग गए और पड़ोसी महेंद्र सिंह घर से बाहर आए मौके पर पहुंच कार चालक को मौके से भागते हुए पकड़ लिया। आस-पड़ोस के लोग एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने खून से लथपथ पड़े पिता सलीम और पुत्री अल्शिफा को निकाला गया। तब तक पिता-पुत्री की मौत हो चुकी थी।
सूचना पर मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने कार चालक एवं वाहन को कब्जे में ले लिया। पलटे पड़े ई-रिक्शा को हटाने का प्रयास किया तभी बिजली करंट लगने पर तुरंत ही बिजली की लाइन को कटवाया गया।
वहीं इस मामले में पुलिस ने सलीम के बड़े भाई साबिर की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कार चालक चांद निवासी जतकी थाना जरीफनगर जिला बदायूं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने पिता-पुत्री के शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक के चचेरे भाई मुनीश ने बताया सलीम पर भूमि कम होने के कारण सलीम मेहनत मजदूरी कर परिवार पालते थे। साथ ही वह ई-रिक्शा चलाते थे। सलीम अपने पीछे पत्नी नर्गिस व तीन बच्चों में ग्यारह वर्षीय बड़ी बेटी आलिया, छह वर्षीय बेटी नूर, दो वर्षीय बेटा अली को रोते बिलखते हुए छोड़ गया है।