संभल। मुरादाबाद-बदायूं रोड पर तीन ब्लैक स्पॉट पर हो रहे लगातार हादसों को रोकने के लिए बस स्टॉप बनाए जा रहे हैं। सड़क के दोनों साइडों में बन रहे एक बस स्टाॅप पर करीब 50 लाख रुपये का खर्च आएगा। तीनों बस स्टॉपों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जबकि संभल और बहजोई क्षेत्र के तीन स्थानों पर लोकेशन बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत होना शेष है। स्थानों पर ब्लैक स्पॉट दूर करने के लिए अन्य व्यवस्था की जानी है।
केंद्र सरकार के सर्वे के मुताबिक जिले में छह ब्लैक स्पॉट माने गए हैं। इन स्थानों पर आए दिन हादसे में लोगों की जान जाती है। जान जाने का कारण तीव्र मोड़, आबादी के बीच भारी ट्रैफिक, मुख्य चौराहे जहां लोग वाहनों का इंतजार करते हैं। यह चंदौसी में मुरादाबाद फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर धन्नूमल का तिराहा, बदायूं चुंगी मोड, पथरा तिराहा, संभल चंदौसी मार्ग पर भवानीपुर पुल के पास तीव्र मोड, संभल में मुरादाबाद मार्ग और बहजोई में इस्लामनगर तिराहा है। इनमें से धन्नूमल तिराहा पर विश्वकर्मा हॉस्पिटल से 20 मीटर पीछे दूसरी दिशा में ब्लॉक कार्यालय से पहले, बदायूं चुंगी पर नहर विभाग के कार्यालय के सामने, दूसरी दिशा में वन विभाग कार्यालय से पहले, पथरा मोड पर भी सड़क के दोनाें साइड में बस स्टाॅप बनाए जाने है। शासन से बजट भी स्वीकृत हो गया। बदायूं चुंगी और धन्नूमल तिराहे पर पीडब्ल्यूडी ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इसके अलावा जिले के तीनों ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए वहां भी सड़क को चौड़ी करने के साथ डिवाइडर अथवा साइड पटरी बनाने का काम होना प्रस्तावित है। इसकी स्वीकृति अभी शासन से मिलनी शेष है।
बसों व अन्य वाहनों को साइड में खड़ा करने की होगी व्यवस्था
चंदौसी में मुरादाबाद फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर तीनाें स्थान पर तीव्र मोड़ है। यात्री व अन्य वाहन अक्सर सड़क पर ही रुक जाते है। मोड़ के आगे दिखाई न देना और तेज गति ही हादसों का कारण बनती है। यहां पर बस स्टॉप बनने के बाद जहां यात्रियों को सुविधा मिलेगी। सड़क की साइड पर पटरी बनने से हादसों का ग्राफ भी कम होगा। पटरी के बीच में आने वाले बिजली के खंभों को भी हटाया जाएगा। बिजली विभाग से स्टीमेट तैयार करा लिया गया है।
जिले में छह ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। चंदौसी में बदायूं रोड पर तीनों स्थानों पर सड़क के दोनाें ओर बस स्टॉप बनाए जा रहे हैं। इसके लिए बजट भी जारी हो गया है। अन्य तीन स्थानों पर कार्य की शासन से स्वीकृति नहीं मिली है।
नवीन वर्मा, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी